भोपाल:
राजधानी के पॉश इलाकों खासकर अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर धड़ल्ले से चल रही कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ रहवासियों का आक्रोश एक बार फिर सड़क पर उतर आया है। सोमवार को ‘संयुक्त रहवासी संघर्ष समिति’ ने नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। रहवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही अवैध कारोबार पर रोक नहीं लगी, तो वे अदालत में अवमानना याचिका दायर करेंगे।
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला
सोमवार को निगम कमिश्नर से मिलने पहुंचे समिति के सदस्यों ने उच्च न्यायालय के 8 सितंबर के आदेश और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की प्रतियां सौंपी। रहवासियों का कहना है कि हाईकोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिए थे कि सभी संबंधित पक्षों की सुनवाई कर भू-उपयोग और अनुमतियों की जांच की जाए और 4 हफ्ते के भीतर कार्रवाई हो। इसके बावजूद अरेरा कॉलोनी में अवैध व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
चार साल में 20 से बढ़कर 80 हुए अवैध मामले
समिति ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि अरेरा कॉलोनी में आवासीय भूखंडों पर कमर्शियल गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। वर्ष 2022 में जहां ऐसे करीब 20 मामले सामने आए थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 80 से अधिक हो गई है। कई संपत्तियों के नक्शे और दस्तावेजों में आज भी ‘आवासीय’ दर्ज है, लेकिन धड़ल्ले से व्यावसायिक संचालन हो रहा है। समिति ने यह भी कहा कि सिर्फ संपत्ति को फ्री-होल्ड कराने भर से किसी को वहां व्यवसाय करने की कानूनी अनुमति नहीं मिल जाती।
मास्टर प्लान-2047 की आड़ में खेल की आशंका
रहवासियों ने आशंका जताई है कि कुछ लोग आगामी ‘मास्टर प्लान-2047’ का हवाला देकर अवैध निर्माणों को बचाने और उन्हें नियमित कराने की फिराक में हैं। समिति के मुताबिक, प्रस्तावित मास्टर प्लान में भी इस क्षेत्र को ‘RG-3’ श्रेणी के तहत पूरी तरह आवासीय ही रखा गया है।
रहवासियों की प्रमुख मांगें:
- हाईकोर्ट के आदेशों का समयबद्ध और कड़ाई से पालन हो।
- अरेरा कॉलोनी समेत अन्य आवासीय क्षेत्रों में चल रही अवैध दुकानों व संस्थानों की जांच हो।
- नियमों का उल्लंघन करने वाली संपत्तियों को तुरंत सील कर दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
- पूर्व में सील की गई संपत्तियों पर दोबारा हो रहे कमर्शियल संचालन की भी जांच हो।



