भोपाल:
राजधानी के छोला थाना क्षेत्र के मालीखेड़ी स्थित पीएमएवाय एलआईजी कॉलोनी में सोमवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। एक किराए के मकान में लोको पायलट के घर से एक ही परिवार के चार सदस्यों के खून से लथपथ शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सभी के गले और सिर पर गंभीर चोट के निशान मिले हैं। वहीं, परिवार के मुखिया (युवक) का शव रेलवे ट्रैक पर कटा हुआ मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसी ने पहले परिवार की हत्या की और फिर ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली।
रिश्तेदार के पहुंचने पर खुला राज
पुलिस के मुताबिक, सूखी सेवनिया थाना क्षेत्र के चोपड़ा कलां रेलवे ट्रैक पर सोमवार सुबह नरेंद्र साहू (35) का शव मिलने की सूचना मिली थी। जब एक रिश्तेदार इसकी जानकारी देने मालीखेड़ी स्थित उसके घर पहुंचा, तो दरवाजा अंदर से बंद था और काफी खटखटाने के बाद भी कोई जवाब नहीं मिला।
शंका होने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दरवाजा खुलवाया तो अंदर नरेंद्र की मां सरस्वती साहू (50), पत्नी सोमलता साहू (29), बेटी कृति साहू (10) और 6 साल के बेटे खुश साहू के शव पड़े मिले। इनमें से दो शव बेड पर थे, जिससे अंदेशा जताया जा रहा है कि वारदात रात के वक्त सोते समय या अचानक अंजाम दी गई।
आर्थिक तंगी और कर्ज के दबाव की आशंका
डीसीपी जोन-4 आदर्श कांत शुक्ला ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि परिवार का एक छोटा रेस्टोरेंट था जो बंद हो चुका था और नरेंद्र पिछले 15-20 दिनों से कोई काम नहीं कर रहा था। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि क्या अत्यधिक कर्ज और मानसिक तनाव के चलते इस खौफनाक कदम को उठाया गया है।
मकान मालिक रामसिंह, जो खुद भोपाल में असिस्टेंट लोको पायलट हैं, उन्होंने बताया कि यह मकान उन्होंने पिछले साल सितंबर में सोमलता साहू को किराए पर दिया था। घटनास्थल पर एफएसएल टीम और पुलिस ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और समय का खुलासा हो सकेगा।



