भोपाल: लोन दिलाने के नाम पर हुई लाखों रुपए की ठगी और कर्ज के बोझ से परेशान एक रैपिडो चालक ने बुधवार रात अशोका गार्डन थाने के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया। हमीदिया अस्पताल में इलाज के दौरान गुरुवार को उसकी मौत हो गई। मरने से पहले बनाए एक वीडियो में चालक ने पुलक सक्सेना नाम के व्यक्ति को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
क्या है पूरा मामला?
मूल रूप से विदिशा के रहने वाले 40 वर्षीय नरेंद्र सिंह राजपूत पिछले 10 साल से भोपाल के अशोका गार्डन इलाके में अपनी पत्नी प्रतीक्षा के साथ रहते थे और रैपिडो चलाकर परिवार का गुजारा करते थे।
मृतक की पत्नी के अनुसार, करीब छह साल पुराने परिचय का फायदा उठाकर आरोपी पुलक सक्सेना ने खुद को सरकारी अधिकारी बताया और 12.5 लाख रुपए का मुद्रा लोन दिलाने का झांसा दिया। इसके बाद अलग-अलग खर्चों और कागजी प्रक्रिया के नाम पर कुल करीब साढ़े पांच लाख रुपए ऐंठ लिए। बाद में आरोपी ने कहा कि लोन कराने वाला व्यक्ति पैसे लेकर भाग गया है।
वसूली का दबाव और पुलिस पर गंभीर आरोप
रुपए गंवाने के बाद नरेंद्र पर भारी कर्ज हो गया था और देनदार लगातार वसूली के लिए दबाव बना रहे थे। परिजनों का आरोप है कि नरेंद्र ठगी की शिकायत लेकर कई बार अशोका गार्डन थाने गए थे, लेकिन पुलिस ने उनकी सुनवाई नहीं की। बुधवार को भी थाने के चक्कर काटने के बाद जब न्याय नहीं मिला, तो उन्होंने थाने के बाहर जहरीला पदार्थ खा लिया।
परिजनों का यह भी आरोप है कि पुलिस ने उन्हें घटना की सूचना तक नहीं दी। देर रात जब पत्नी ने फोन किया, तब नरेंद्र ने सल्फास खाने की बात बताई।
पुलिस का पक्ष
अशोका गार्डन थाना प्रभारी अनुराग लाल के मुताबिक, युवक ने थाने के बाहर जहर खाया था, जिसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया था। प्रारंभिक जांच में कर्ज की बात सामने आई है। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और वीडियो तथा परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



