भोपाल: भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की सनसनीखेज हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी केयरटेकर वरुण वाल्मीकि को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद भागने की कोशिश कर रहा आरोपी पुलिस मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) में घायल हो गया, जिसके पैर में गोली लगी है।
क्या था मामला?
30 सितंबर की रात रातीबड़ इलाके में रहने वाले रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल के घर पर यह वारदात हुई थी। आरोपी वरुण घर के बाहर नेम प्लेट देखकर प्रभावित हुआ था और उसे लगा था कि वहां 10 से 20 लाख रुपए मिल जाएंगे। इसी लालच में वह केयरटेकर की नौकरी पर लगा था।
घटना की रात करीब 12 बजे दवाई देने में देरी होने पर राकेश अग्रवाल ने उसे फटकार लगाई और गालियां देते हुए घर से जाने को कहा। इसी गुस्से और लूट के इरादे से उसने धारदार हथियार से उनका गला रेतकर हत्या कर दी। वारदात के बाद वह केरल एक्सप्रेस से भोपाल से फरार हो गया था।
चार राज्यों में तलाश और अनोखा ऑपरेशन
आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। वह ग्वालियर, मथुरा, वृंदावन, दिल्ली, हरिद्वार, नैनीताल और मनाली तक भागा। इस दौरान वह कबाड़ बेचकर और फुटपाथ पर सोकर गुजारा करता रहा।
भोपाल पुलिस ने 10 विशेष टीमें बनाकर चार राज्यों में उसकी तलाश की। आगरा में आरोपी को दबोचने के लिए पुलिसकर्मियों ने चार दिनों तक सब्जी बेचने और रिक्शा चलाने वाले बनकर अंडरकवर ऑपरेशन चलाया था।
पुलिस गिरफ्त और आगे की कार्रवाई
सोमवार को आगरा से पकड़े जाने के बाद मंगलवार सुबह आरोपी ने पुलिस से झूमाझटकी कर भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इस हाई-प्रोफाइल मामले में IAS एसोसिएशन ने भी मुख्यमंत्री से मिलकर जल्द गिरफ्तारी की मांग की थी। फिलहाल पुलिस आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संपर्कों की जांच कर रही है।




