राजधानी भोपाल में अक्षय तृतीया पर करीब 1 हजार शादियां होंगी। इसके लिए गार्डन-कैटरिंग, बैंड, डीजे समेत सबकुछ बुक हो चुका है। बाल विवाह न हो, इसके लिए जिला प्रशासन की नजर रहेगी। रसोईये से लेकर टेंट, गार्डन, पंडित सबकी जिम्मेदारी रहेगी कि वे बाल विवाह न तो करवाए और न ही उनमें शामिल हो।मई से जुलाई के बीच विवाह के कई मुहूर्त है। इनमें सबसे खास 3 मई को अक्षय तृतीया का मुहूर्त रहेगा। एक ही दिन में एक हजार जोड़े विवाह बंधन में बंधेंगे। दो साल में पहली बार अक्षय तृतीया पर कोई भी पाबंदी नहीं रहेगी। इसके चलते ही दो महीने पहले से मैरिज गार्डन, होटल, कैटरिंग, बैंडबाजा आदि की बुकिंग हो चुकी है।मैरिज गार्डन की बुकिंग पर छूट दीभोपाल मैरिज गार्डन ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश पस्तारिया ने बताया, कोरोना की वजह से दो साल से शादियों पर पाबंदी थी। खुलकर छूट नहीं दी गई थी। अक्षय तृतीया पर भी छूट नहीं मिली थी। अब कोई पाबंदी नहीं है। इसलिए लोग खुलकर मेहमानों को बुला रहे हैं और बारातें भी निकाल रहे हैं। 3 मई की भी अच्छी बुकिंग है। गार्डन की बुकिंग पर संचालक 25% तक की छूट भी दे रहे हैं। यानी पहले किसी गार्डन में दो दिन की शादी के दो लाख रुपए लिए जाते थे, जो अब डेढ़ लाख रुपए तक लिए जा रहे हैं।बाल विवाह न हो इसलिए जिम्मेदारी तयअक्षय तृतीया के अबूझ मुहूर्त में बाल विवाह भी होते हैं। जिन्हें रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कंस ली है। कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया, बाल विवाह में सेवा प्रदाता सभी संस्थानों और कर्मचारियों के विरुद्ध भी कार्रवाई का प्रावधान है। ऐसे विवाह में टेंट, कैटरिंग और शामियाना लगाने वालो के विरुद्ध भी कानूनी कारवाई की जाएगी। प्रेस, हलवाई, कैटरर्स, धर्मगुरू, समाज के मुखिया, बैंड, डीजे वाले, घोड़ी वाले, ट्रांसपोटर्स आदि भी वर-वधू के आयु संबंधी प्रमाण पत्र देखने के बाद ही अपनी सेवाएं दें। विवाह पत्रिका मुद्रित करने वाली प्रिंटिंग प्रेस के मालिक भी विवाह पत्रिका में स्पष्ट उल्लेख करें कि वर-वधू बालिग है।




