भोपाल के कलेक्टोरेट में मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक महिला ने आधे घंटे से ज्यादा समय तक हंगामा किया। उसे महिला पुलिसकर्मी व गार्ड समझाती रही, लेकिन वह नहीं मानी। उसने खुद को विधायक भी कहा। महिला के हंगामे की वजह से जनसुनवाई काफी देर तक प्रभावित रही।
मंगलवार सुबह 11 से दोपहर 1 बजे तक जनसुनवाई हुई। इसमें 100 से अधिक पहुंचे। इस दौरान अपनी परेशानी के साथ पहुंची शोभना सिंह ने शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने पर मीटिंग हॉल में हंगामा कर दिया। अधिकारियों ने महिला से कहा कि यह पुलिस की समस्या है। जिला पंचायत सीईओ ईला तिवारी और एडीएम अंकुर मेश्राम ने महिला को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं मानी।

दूसरे आवेदक परेशान होते रहे महिला के हंगामे की वजह से जनसुनवाई पर भी असर पड़ा। कई पीड़ित अपनी बारी आने के लिए परेशान होते रहे, लेकिन अधिकारी और कर्मचारी हंगामा कर रही महिला को समझाने में जुटे रहे।
तीन महीने पहले भी आ चुकी मिनाल रेसिडेंसी की रहने वाली शोभना सिंह ने हंगामा किया। करीब तीन पहले भी वह जनसुनवाई में पहुंची थी। आवेदन दिया था कि 9 दिसंबर 2022 को उनके पास किसी मंशाराम का कॉल आया था। मंशाराम ने उन्हें मकान खाली करने की धमकी दी थी। शोभना का कहना है कि वह अपनी 11 साल की बेटी के साथ रहती हैं। उन्हें मकान खाली करने के लिए जान से मारने की धमकी दी जा रही है, जबकि उनके मकान मालिक ग्वालियर में रहते हैं और उनके बीच 11 महीने का अनुबंध है। मंशाराम उन्हें आए दिन प्रताड़ित करता है।




