Thursday, October 1, 2026
22.1 C
Bhopal

टीला जमालपुरा थाने में युवक की बेरहम पिटाई, जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो कहां जाए ?

कमिश्नर का QR कोड बनाम SI का डंडा

राजधानी में गुड पुलिसिंग के दावों के बीच पुलिस की बर्बरता का एक गंभीर मामला सामने आया है। भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र ने हाल ही में थानों में आने वाले फरियादियों के साथ बेहतर व्यवहार के निर्देश दिए थे और फीडबैक के लिए क्यूआर कोड जारी किया था। लेकिन जोन 3 के अंतर्गत आने वाले थाना टीला जमालपुरा के साबिर खान नामक पुलिसकर्मी ने भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्र के खोखले दावे और गुड पुलिसिंग करने के ढोंग को बेनकाब किया है । सूत्रों के मुताबिक थाना टीला जमालपुरा में पदस्थ एसआई साबिर खान ने एक निर्दोष युवक को इतना मारा जिससे इंसानियत को भी शर्म आ जाए ।

विवाद किसी और का, सजा निर्दोष को
सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में हो रहे एक विवाद के दौरान पुलिस ने साहिल उद्दीन नामक युवक को उसके घर से उठा लिया। आरोप है कि थाने में पदस्थ एसआई साबिर खान ने बिना किसी जांच या पुख्ता सबूत के साहिल की जमकर पिटाई की। परिजनों का कहना है कि साहिल बेकसूर था और उसे वर्दी के रौब में बेरहमी से टॉर्चर किया गया।

इलाज के लिए भटकता रहा परिवार
पिटाई से घायल युवक और उसका परिवार न्याय के लिए भटक रहा है। बताया जा रहा है कि युवक को पहले डीआईजी और फिर हमीदिया अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां भी उसे सही इलाज नहीं मिला। सोशल मीडिया पर वायरल आरोपों के मुताबिक, पीड़ित पक्ष पर यह लिखने का दबाव बनाया गया कि चोटें खुद की मारी हुई हैं। 112 हेल्पडेस्क से भी परिवार को केवल एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर जाने की सलाह मिली ।

CCTV खोलेंगे सच्चाई का राज
शहर के सभी थानों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच हो और कैमरों की फुटेज देखी जाए, तो सच्चाई सामने आ जाएगी। अब देखना यह है कि क्या पुलिस विभाग अपने ही कर्मी पर लगे इन गंभीर आरोपों की जांच करेगा या मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

जोन 3 के पुलिस अधिकारी गहरी नींद में...

हैरानी की बात यह है कि जब पीड़ित परिवार इंसाफ की गुहार लेकर थाने पहुँचा, तो वहां कोई भी जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी (ACP या एडिशनल DCP) मौजूद नहीं मिला। आरोप लग रहे हैं कि विभाग अपने ही कर्मचारी को बचाने के लिए मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है। अगर रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे और निर्दोषों को वर्दी का खौफ दिखाया जाएगा, तो आम जनता इंसाफ के लिए किसके पास जाएगी? क्या कमिश्नर साहब के निर्देश केवल कागजों और क्यूआर कोड तक ही सीमित रहेंगे? लगता है पब्लिसिटी स्टैंड बेनकाब होता दिख रहा है ।

Hot this week

14 करोड़ के ऑनलाइन सट्टे का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

​इंदौर: क्राइम ब्रांच ने बुधवार को ऑनलाइन सट्टा और अवैध...

नीमच में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पुलिस से हुई झूमाझटकी

​नीमच: मतदाता सूची में गड़बड़ी और पुनरीक्षण प्रक्रिया में धांधली...

भुगतान न मिलने और NABH की अनिवार्यता के खिलाफ प्राइवेट अस्पतालों का फूटा गुस्सा

​भोपाल: आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज करने...

Topics

14 करोड़ के ऑनलाइन सट्टे का पर्दाफाश, दो गिरफ्तार

​इंदौर: क्राइम ब्रांच ने बुधवार को ऑनलाइन सट्टा और अवैध...

नीमच में मतदाता सूची में गड़बड़ी का आरोप: कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, पुलिस से हुई झूमाझटकी

​नीमच: मतदाता सूची में गड़बड़ी और पुनरीक्षण प्रक्रिया में धांधली...

वीआईपी रोड पर पलटा सोयाबीन तेल से भरा टैंकर, लूटने के लिए उमड़ी भीड़

​भोपाल: ​शहर के वीआईपी रोड स्थित कोहेफिजा चौराहे पर मंगलवार-बुधवार...

भोपाल में रिटायर्ड IAS अधिकारी की हत्या, घर में मिला शव; नया केयरटेकर मुख्य संदिग्ध

​भोपाल: शहर के सूरजनगर इलाके में बुधवार सुबह एक सनसनीखेज...

सूने मकान में 15 लाख की चोरी का खुलासा, एक आरोपी गिरफ्तार

​कुरवाई (विदिशा): विदिशा जिले की कुरवाई पुलिस ने एक महीने...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img