विदिशा। जिला अस्पताल में शुक्रवार को डिलीवरी के दौरान कथित लापरवाही को लेकर प्रसूता के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप है कि नर्सिंग स्टाफ ने पेट दबाकर जबरन डिलीवरी कराई, जिससे महिला की बच्चेदानी बाहर आ गई। हालत बिगड़ने पर महिला और नवजात को तुरंत मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।
परिजनों के अनुसार, निकिता प्रजापति को प्रसव पीड़ा होने पर अस्पताल लाया गया था। आरोप है कि स्टाफ के अनुचित दबाव के कारण यह गंभीर स्थिति बनी और परिजनों को सही जानकारी दिए बिना चुपचाप रेफर कर दिया गया। परिजनों ने स्टाफ पर अभद्रता का भी आरोप लगाया है।
अस्पताल के विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद मिश्रा ने बताया कि प्रसव से पहले ही बच्चे ने गर्भ में गंदा पानी (मेकोनियम) पी लिया था, जिससे उसकी हालत नाजुक है और वह एसएनसीयू में भर्ती है। डॉ. मिश्रा के मुताबिक, प्रसव के बाद गर्भाशय बाहर आना एक गंभीर मेडिकल इमरजेंसी है। महिला को तुरंत खून चढ़ाकर मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जहां गर्भाशय को सही स्थान पर सेट कर दिया गया है और मां खतरे से बाहर है।
डॉ. मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। दो दिन के भीतर जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



