Monday, August 17, 2026
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भोपाल में युवती को डिजिटल अरेस्ट की कोशिश

भोपाल के कोलार में रहने वाली युवती को डिजिटल अरेस्ट करने की कोशिश की गई। साइबर जालसालों ने कॉल कर उसे बताया कि आपके अकांउट का इस्तेमाल मनी लान्ड्रिंग में किया जा रहा है। आपके आधार नंबर का इस्तेमाल एक कोरियर भेजने के लिए किया गया, जिसे दिल्ली एयरपोर्ट पर पकड़ लिया गया।

युवती ने जब दिल्ली में उनका कोई अकाउंट होने और किसी भी पार्सल की जानकारी होने से इनकार किया तो उसे जेल भेजने की धमकी देने लगे। वीडियो कॉल पर उसे फर्जी साइबर थाना दिखाया और ऑनलाइन निगरानी का दबाव बनाया। तब पीड़िता ने पिता को जानकारी दी। पिता ने पुलिस को बुलाया तो साइबर ठग कॉल डिस्कनेक्ट कर भाग गए।

प्राइवेट जॉब करती है पीड़ित युवती

टीआई संजय सोनी ने बताया कि प्रिया सक्सेना (28) ने एमबीए किया है। एमपी नगर की एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करती हैं। उनके पिता गोपाल सक्सेना पुलिस विभाग के रिटायर्ड प्रधान आरक्षक हैं। प्रिया परिवार के साथ अवंतिका अपार्टमेंट कोलार में रहती हैं। शनिवार दोपहर 2 बजे उनके पिता ने कॉल कर थाने में जानकारी दी कि अज्ञात नंबरों से कॉल कर उनकी बेटी को डिजिटल अरेस्ट किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है।

असली पुलिस को देखकर भागी नकली पुलिस

युवती के नाम से फर्जी अकाउंट खोलकर मनी लाॅन्ड्रिंग किए जाने और ड्रग तस्करी किए जाने की बात कही जा रही है। मदद के नाम पर आरोपी उसे ऑनलाइन निगरानी में रहने का दबाव बना रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। सामने वर्दी में खड़ी असली पुलिस को देखने के बाद नकली पुलिस के जवानों ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।

शिकायत के आधार पर जांच शुरू कोलार पुलिस मामले की जांच कर रही है। कॉल करने वाले नंबर का आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है। जिससे आरोपियों की गिरफ्तारी की जा सके। आरोपियों ने लड़की को असली पुलिस होने का भरोसा दिलाने वर्दी में एक युवक को अपना अधिकारी बताकर बैठाया था। पीछे साइबर क्राइम दिल्ली पुलिस का बोर्ड भी लगा रखा था।

मदद का झांसा देकर निगरानी में रखना चाहते थे

युवती को भरोसे में लेने के लिए आरोपियों ने दिल्ली की कनॉट पैलेस की एचडीएफसी बैंक की ब्रांच में उनका खाता होने की बात कही। इसी के साथ कुछ दस्तावेज वीडियो कॉल पर दिखाए, जिससे भरोसा हो जाए कि उनके नाम का फर्जी अकाउंट चल रहा है। आरोपियों ने सुबह 12 बजे पहले वाइस कॉल किया था। जब लड़की ने मामले से किसी प्रकार का लेना देना नहीं होने की बात कही तो उसे वीडियो कॉल कर तमाम दस्तावेज दिखाए गए थे।

बाद में अधिकारियों से बात कराने का झांसा दिया, एक युवक से बात कराई। उस युवक ने युवती को इनोसेंट कहकर मदद का आश्वासन दिया, लेकिन जांच में सहयोग की बात कही। जांच में सहयोग के नाम पर डिजीटल हिरासत में रहने की शर्त रखी, तब लड़की को यकीन हो गया कि आरोपी उसके साथ फ्राड करना चाहते हैं। क्यों कि पहले ही उसने इस तरह की काफी न्यूज पढ़ रखी थी।

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