भोपाल की करोंद अनाज मंडी में आज, गुरुवार को मुहूर्त के सौदे हुए। पिछले 5 दिन से मंडी बंद थी, जो भाई दूज के दिन खुली है। सुबह व्यापारियों ने कांटे-बांट की पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने किसानों से उनकी गेहूं, सोयाबीन समेत अन्य उपज की खरीदी की। हालांकि, पिछले साल की तुलना में किसानों को 300 से 400 रुपए क्विंटल तक कम मिले।
भोपाल ग्रेन मर्चेंट एंड ऑयल सीड्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजीव जैन ने बताया, धनतेरस (शनिवार) से मंडी में कारोबार बंद हो गया था। गुरुवार सुबह मंडी खुली और व्यापारियों ने पूजा-अर्चना की। इसके बाद मुहूर्त के सौदे हो रहे हैं। दोपहर में दीवाली मिलन समारोह भी हुआ। अध्यक्ष हरीश ज्ञानचंदानी समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

इन्होंने की मुहूर्त की खरीदी प्रवक्ता जैन ने बताया कि गुरुवार को गेहूं, चना, सोयाबीन और मक्का के भाव में पिछले साल के मुकाबले कमी देखने को मिली। बाजार में मंदी होने की वजह से ऐसा हुआ। सोयाबीन 3500 से 4501 रुपए, मक्का 1000 से 1801 रुपए, गेहूं 2450 से 3100 रुपए बिका। सोयाबीन की आवक 2 हजार क्विंटल, मक्का 400 क्विंटल और गेहूं 500 क्विंटल आया। चने की आवक 100 बोरी ही रही। मुहूर्त के सौदे में दीपक इंटरप्राइजेश ने सोयाबीन की खरीदी 4501 रुपए प्रति क्विंटल में की। जयमाई ट्रेंडिंग कंपनी ने 3101 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से गेहूं खरीदा। वहीं, मां वैष्णो ट्रेडर्स ने 1801 रुपए क्विंटल के हिसाब से मक्का खरीदा।
सबसे पहले खरीदी जाने वाली उपज के अच्छे मिलते हैं दाम
दिवाली के मौके पर व्यापारी अपना कारोबार बंद रखते हैं और भाई-दूज पर मुहूर्त के सौदे करते हैं। सबसे पहले जिस किसान की उपज खरीदी जाती है, उसकी व्यापारी ज्यादा बोली लगाते हैं। इससे किसान को अच्छे दाम मिलते हैं। यही कारण है कि मुहूर्त के सौदे में अपना अनाज बेचने के लिए बड़ी संख्या में किसान एक-दो दिन पहले से ही मंडी में पहुंच जाते हैं। इस बार भी ऐसा ही हुआ। कई किसान पहले से अपनी उपज लेकर मंडी में आ गए थे।
दो सत्र में खरीदी अनाज की खरीदी दो सत्र में हो रही है। पहली सुबह 10.30 से दोपहर 12.30 बजे तक हो चुकी है। वहीं, दूसरी दोपहर 3 बजे से होगी। इस बीच दीपावली मिलन समारोह भी हुआ।




