भोपाल:
शाहपुरा थाना पुलिस ने भोपाल विकास प्राधिकरण (BDA) की बेशकीमती जमीन हड़पने के लिए फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने रिटायर्ड आईबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) अधिकारी रविंद्र डोंगरे के खिलाफ धोखाधड़ी (धारा 420) और फर्जी दस्तावेज तैयार करने (धारा 467, 468) के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।
शिकायतकर्ता अनुराग गर्ग ने क्राइम ब्रांच के जरिए शिकायत दी थी। आरोप है कि बावड़िया कला स्थित खसरा नंबर 293/10 और 293/11 (करीब 0.82 डेसीमल जमीन) पर मालिकाना हक जताने के लिए 3 अप्रैल 2000 का एक फर्जी ‘बंटान दस्तावेज’ तैयार किया गया।
एसडीओ कोर्ट के आदेश में भी उठे सवाल
जांच में सामने आया कि इसी विवादित दस्तावेज के आधार पर एस डी ओ कोलार के यहां अपील की गई थी। 7 फरवरी 2023 को आए एस डी ओ के आदेश के पेज-6 में स्पष्ट उल्लेख है कि यह बंटान राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है और यह भी साफ नहीं है कि यह किस प्रकरण में पारित हुआ था। साथ ही, यह न तो पटवारी द्वारा तैयार किया गया और न ही तहसीलदार से स्वीकृत था।
पहले ही बेची जा चुकी है आधी जमीन
शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि आरोपी ने 0.25 डेसीमल जमीन को 0.50 डेसीमल बताकर दावा किया, जबकि इसमें से आधा हिस्सा (0.25 डेसीमल) सितंबर 1998 में ही भाई मनोज डोंगरे के जरिए बेचा जा चुका था, जिसके बाद खसरा नंबर भी बदल गए थे।
दस्तावेजों में तारीखों की हेराफेरी और बिना हस्ताक्षर के सुधार मिलने पर पुलिस ने प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। फिलहाल पुलिस राजस्व रिकॉर्ड और दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।




