भोपाल। राजधानी के सुखीसेवनिया क्षेत्र में हुए सनसनीखेज गौवंश वध मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक (देहात) रामशरण प्रजापति के निर्देशन में गठित SIT ने घेराबंदी कर मामले में फरार चल रहे सभी पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या था मामला? बीती 26 अप्रैल को मुगलिया कोट निवासी कालूराम मीणा की दो गायें खेत से गायब हो गई थीं। तलाश करने पर पास के ही एक खेत में खून के निशान और अवशेष मिले थे। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ गौवंश वध प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
कैसे हुई गिरफ्तारी? मामले की गंभीरता को देखते हुए एस डी ओ पी बिलखिरिया अंतिमा समाधिया के नेतृत्व में एक विशेष टीम (SIT) बनाई गई थी। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर सेंट्रल लाइब्रेरी के पास से चार आरोपियों—अरशान, शाहरूख, जीबरान और अरसलान को धर दबोचा। पूछताछ के बाद अवैध मांस बिक्री में शामिल इनके पांचवें साथी अजीम कुरैशी को भी इस्लामपुरा से गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी: पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई दो गाड़ियां (एक्टिवा और सुजुकी एक्सेस) और धारदार हथियार (बुगदा व छुरियां) बरामद किए हैं। इस पूरी कार्यवाही में थाना प्रभारी रामबाबू चौधरी और साइबर शाखा के मुश्ताक अहमद की अहम भूमिका रही।




