भोपाल
शहर के रिहायशी इलाकों में कमर्शियल गतिविधियों के खिलाफ मंगलवार सुबह नगर निगम का बुलडोजर और सीलिंग अभियान फिर गरजा। प्रशासन ने कोहेफिजा स्थित लोकप्रिय चाय लीला कैफे सहित कई होटलों, बुक शॉप्स और बैकरियों को सील कर दिया। कई दुकानदारों ने कार्रवाई के डर से खुद ही अपने प्रतिष्ठान बंद कर लिए।
इस कार्रवाई के विरोध में भोपाल चैंबर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर सैकड़ों व्यापारी न्यू मार्केट के नानके पेट्रोल पंप पर इकट्ठा हुए और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मिलने सीएम हाउस के लिए रवाना हुए। रोशनपुरा चौराहे पर पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस और व्यापारियों के बीच तीखी झड़प हुई और कुछ व्यापारी धक्का-मुक्की में नीचे गिर पड़े।
मास्टर प्लान लागू करने की मांग
नाराज व्यापारियों ने ‘तानाशाही बंद करो’ के नारे लगाए और सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए थाली, शंख और डमरू बजाए। एसीपी अखिल पटेल ने ई-रिक्शा पर खड़े होकर व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे।
भोपाल व्यापारी महासंघ संघर्ष समिति के अध्यक्ष आनंद सोनी ने कहा कि सीलिंग की कार्रवाई तुरंत बंद की जाए और व्यापारियों को राहत देने के लिए नया मास्टर प्लान लागू किया जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि यह कार्रवाई नहीं रुकी, तो पूरा शहर उग्र आंदोलन के लिए सड़क पर उतरेगा।




