हमीदिया अस्पताल की मल्टी लेवल पार्किंग से 3 महीने पहले मार्च में चोरी हुई बाइक पुलिस तलाश नहीं पाई। उल्टा मालिक के पास हेलमेट नहीं पहनने का ट्रैफिक पुलिस की तरफ से चालान भेज दिया गया। गाड़ी मालिक के घर शनिवार को जब स्पीड पोस्ट से चालान पहुंचा तो वह हैरान रह गया। चालान में लगी फोटो में गाड़ी उसकी ही दिख रही है। 22 जून को रत्नागिरी चौराहे पर उसकी बाइक को आईटीएमएस कैमरे में बिना हेलमेट पहने हुए राइड करते हुए ट्रेस किया गया है।रतनपुर गिरधारी, थाना सांची के रहने वाले लखन सिंह दांगी निजी कंपनी में जॉब करते हैं। 23 मार्च को लखन सिंह अपनी भतीजी पप्पी मीणा का इलाज कराने हमीदिया अस्पताल आए। सुबह 11.30 बजे हमीदिया अस्पताल कैम्पस में बनी मल्टी लेवल पार्किंग में बाइक पार्क कर अस्पताल में चले गए। शाम 4 बजे वापस लौटने को हुए, तो गाड़ी नहीं दिखी। उन्होंने पार्किंग के कर्मचारियों को पार्किंग की रसीद दिखाई। इसपर कर्मचारी गोलमोल जवाब दिए। सीसीटीवी कैमरे में एक युवक उनकी बाइक ले जाते हुए दिखा। इसके बाद दांगी ने कोहेफिजा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। 24 मार्च को पुलिस ने गाड़ी चोरी की एफआईआर दर्ज की।23 जुलाई को घर पहुंचा चालानलखन ने भोपाल में अपने दोस्तों के साथ तीन-चार दिन गाड़ी को ढूंढा। इसके बाद वह घर चले गए। 23 जून को उनके पास स्पीड पोस्ट से चालान पहुंचा। चालान में 22 जून को शाम 4.25 बजे उनकी बाइक को रत्नागिरी पर लगे आईटीएमएस के कैमरे में डिटेक्ट किया गया। इसमें एक व्यक्ति उनकी गाड़ी का नंबर लिखी बाइक को राइड करते दिख रहा है। व्यक्ति हेलमेट नहीं पहना हुआ है। ऐसे में पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट की धारा-129/177 का उल्लंघन मान चालान भेज दिया।पुलिस ने कहा था- 10 हजार रुपए ले लो…लखन मीणा ने घटना के बाद आरोप लगाया था कि पार्किंग संचालक कीह लापरवाही से गाड़ी चोरी होने के मामले की रिपोर्ट लिखाने जब हम कोहेफिजा थाने पहुंचे, तो पुलिसवाले भी कहने लगे कि तुम्हारी गाड़ी पुरानी थी। दस हजार रुपए दिला देते हैं, रिपोर्ट मत लिखाओ। मामले को यहीं रफा-दफा कर दो। लखन इस बात पर अड़ा रहा कि भविष्य में यदि उसकी गाड़ी से कोई क्राइम हो गया तो फिर क्या होगा। इसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। जबकि, सीधे तौर पर पार्किंग प्रबंधन जिम्मेदार था।




