स्वच्छता सर्वेक्षण 2022 को लेकर शुक्रवार को नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इसके लिए शेडयूल भी बना लिया है। 1 से 31 मार्च के बीच कभी भी स्वच्छता सर्वेक्षण की टीमें दस्तक दे सकती है। इसके अनुसार नगरीय निकायों को 25 फरवरी तक स्वच्छता से संबंधित दस्तावेजों को केंद्र सरकार के पोर्टल पर अपलोड करने का समय दिया गया था। मैदानी सत्यापन निर्धारित एजेंसी के माध्यम से निकायों में एक मार्च से प्रारंभ होगा।बतादें कि स्वच्छता सर्वेक्षण राज्य की विशेष प्राथमिकता है। इस वर्ष केंद्र सरकार के द्वारा निकायों के स्वच्छता सर्वेक्षण के आधार पर जिले की रैंकिंग भी की जाएगी। पिछले दो साल से स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए मार्च माह में ही टीमें आ रही है। अभी तक सर्वेक्षण के दौरान नगरीय निकायों को अलग-अलग पोर्टल पर जानकारी अपलोड करना होती थी, लेकिन इस बार सिर्फ एक ही पोर्टल पर नगरीय निकायों को जानकारी अपलोड करनी थी। इस बार केंद्रीय शहरी आवास मंत्रालय ने स्वच्छता सर्वेक्षण के 7500 अंक निर्धारित किए हैं। जबकि बीते साल तक यह सर्वेक्षण 6000 अंक का होता था। इस बार रैंकिंग का मुख्य आधार सिटीजन फीडबैक होगा। इसमें नागरिकों से 7 सवाल पूछकर फीडबैक लिया जाएगा। इस बार नगर निगम क्षेत्र के तमाम भवनों की जियो टैगिंग की जाएगी। साथ ही सार्वजनिक शौचालय 24 घंटे खुले रखने होंगे और उनमें सेनेटरी नैपकिन से लेकर पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए।
जीपीएस के आधार पर होगा सर्वे
नगर निगम द्वारा सर्वेक्षण के पूर्व शहर के व्यापारिक व आवासीय क्षेत्र, स्लम बस्ती, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, सार्वजनिक स्थानों, नदी व नालों संबंधित सारी जानकारी स्वच्छ सर्वेक्षण के पोर्टल पर अपलोड कर दी गई। इस बार सर्वेक्षण की टीमें जीपीएस के आधार पर शहर के अलग-अलग इलाकों में सर्वेक्षण के लिए पहुंचेगी। इस वजह से जीपीएस आधारित लोकेशन का डेटा पोर्टल पर अपलोड किया गया है।




