मध्यप्रदेश में करीब ढाई साल बाद 1 से 31 मई तक कर्मचारियों के तबादले होंगे। मंगलवार को डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कैबिनेट बैठक की ब्रीफिंग के दौरान यह जानकारी दी। बैठक शुरू होने से पहले एक न्यूज एजेंसी से चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी तबादलों से रोक हटाने के संकेत दिए थे। सीएम ने कहा, हमारी कोशिश रहेगी कि तबादला नीति अगली कैबिनेट बैठक तक आ जाए।
बता दें, मध्यप्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। पिछले साल के अंत में कुछ विशेष मामलों में तबादलों की छूट दी गई थी, लेकिन इससे कई कर्मचारी वंचित रह गए थे।
सीएम चाहते थे शैक्षणिक सत्र के बाद हों तबादले एक वरिष्ठ मंत्री ने बताया कि पिछले साल मुख्यमंत्री की यह मंशा थी कि शैक्षणिक सत्र के बीच में तबादले न हों। इसकी दो वजह भी बताईं…
- सत्र के बीच किसी शिक्षक का तबादला होता है, तो उस स्कूल के छात्रों का कोर्स प्रभावित होता है। शिक्षक को भी नई संस्था में जाने के बाद रुटीन में आने में समय लगता है।
- दूसरे विभागों के कर्मचारियों के बीच में तबादले होते हैं, तो उनके बच्चों को स्कूल शिफ्ट करने में परेशानी होती है। कर्मचारी और परिवार सत्र खत्म होने तक दूर-दूर रहते हैं।
आखिरी बार अक्टूबर 2022 में हुए थे तबादले बता दें, एमपी में 2022 के बाद अब तबादले हाेंगे। तब जून 2021 की तबादला नीति के आधार पर तबादले हुए थे। प्रदेश में 7.50 लाख कर्मचारी हैं। इनमें से डेढ़ से दो लाख कर्मचारी तबादलों से प्रभावित होते हैं। जनवरी 2025 में सरकार ने गंभीर बीमारी या कारण वाले मामलों में तबादले में छूट दी थी। ये तबादले प्रभारी मंत्री की सहमति से किए गए थे।
9 टाइगर रिजर्व के बफर एरिया में 145 करोड़ से होगी फेंसिंग टाइगर रिजर्व के बफर जोन में टाइगर और इंसान के बीच द्वंद्व के कारण दुर्घटनाएं होती हैं, इसलिए बफर जोन में कुछ विकास के ऐसे काम कराए जाएंगे, जिससे इन घटनाओं को रोका जा सके। 145 करोड़ रुपए की सीमा तक के काम किए जाएंगे।
9 टाइगर रिजर्व से लगे बफर जोन में चार सालों में टाइगर की संख्या 526 से बढ़कर 785 हो गई है। स्वाभाविक है बफर में इंसान, टाइगर और गाय पर हमले होते हैं। संवेदनशील वन क्षेत्रों में फेंसिंग करने के लिए नई योजना पर तीन सालों में 145 करोड़ खर्च किए जाएंगे।
5 मई तक 60 मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का टारगेट होगा पूरा
50 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीदी हो चुकी है। गेहूं का समर्थन मूल्य 2425 के साथ 175 रुपए बोनस जोड़ा गया है। किसानों के खातों में 10562 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। 5 मई तक 60 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी का टारगेट पूरा हो जाएगा।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करें प्रभारी मंत्री कैबिनेट बैठक में सीएम ने सभी प्रभारी मंत्रियों को गर्मी में पेजयल व्यवस्था की सतत समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने कहा है कि समीक्षा बैठकों में पेयजल व्यवस्था पर जरूर समीक्षा करें। 16 जून तक चलने वाले जलगंगा संवर्धन अभियान को लेकर सीएम ने कहा है कि पानी बचाने के लिए तालाबों के गहरीकरण, जलस्त्रोतों के संरक्षण की संभावनाओं पर काम करें।
चीता रि-लोकेशन की दुनिया में हो रही तारीफ
डिप्टी सीएम ने बताया चीता के मामले में जो संघर्ष चल रहा था। कूनो में चीतों को लाने के बाद उनकी वंश वृद्धि सफल हुई है। बीते दिनों गांधीसागर अभयारण्य में दो चीतों की शिफ्टिंग हुई है। उसकी कैबिनेट में चर्चा हुई है। चीता रि-लोकेशन में मप्र ने जो काम किया है। उसकी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तारीफ हो रही है।




