ग्वालियर। शहर के व्यस्त सदर बाजार इलाके से गायब हुए गहनों की गुत्थी को ग्वालियर पुलिस ने सुलझा लिया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से पुलिस ने उन दो महिलाओं को ढूंढ निकाला, जो सड़क पर गिरा हुआ गहनों का पाउच उठाकर ले गई थीं। पकड़ी गई दोनों महिलाएं आपस में देवरानी-जेठानी हैं और थाटीपुर की श्रीनगर कॉलोनी की रहने वाली हैं।
ऐसे चला 48 घंटे का ‘ऑपरेशन रिकवरी’
एसएसपी धर्मवीर सिंह के निर्देशन में क्राइम ब्रांच और मुरार पुलिस ने इस मामले में जबरदस्त सक्रियता दिखाई। 20 अप्रैल की दोपहर करीब 12:53 बजे एक कार से गहनों का पाउच सड़क पर गिर गया था। इसे बरामद करने के लिए पुलिस ने:
- 3 किलोमीटर के दायरे में सघन सर्चिंग की।
- 600 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले।
- 11 प्रमुख पॉइंट्स पर पुलिस को महिलाओं की स्पष्ट फुटेज मिली।
- घटनास्थल से लेकर महिलाओं के घर तक के रूट को ट्रैक कर पुलिस सीधे उनके दरवाजे पर जा पहुंची।
थाने क्यों नहीं आईं? महिलाओं का तर्क
जब पुलिस महिलाओं के घर पहुंची, तो उन्होंने बिना किसी देरी के गहनों का पाउच पुलिस को सौंप दिया। पूछताछ में महिलाओं ने अजीब तर्क दिया। उन्होंने कहा, “हमने सोचा कि गहने घर ले चलते हैं, अगर कोई ढूंढते हुए आएगा तो उसे वापस कर देंगे।”
हालांकि, पुलिस इस तर्क से संतुष्ट नहीं है। अफसरों का मानना है कि यदि नीयत साफ होती, तो महिलाएं खुद थाने जाकर गहने जमा करा सकती थीं। पुलिस फिलहाल उनकी भूमिका की जांच कर रही है।
जागरूकता: अब फरियादी खुद लगवाएगा कैमरे
इस घटना से सबक लेते हुए पीड़ित फरियादी ने अब अपने स्तर पर भी सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्णय लिया है। पुलिस की इस मुस्तैदी की शहर में चर्चा है कि कैसे महज 48 घंटों में तकनीक के सहारे गहने सुरक्षित बरामद कर लिए गए।




