Saturday, April 25, 2026
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जहरीले कफ सिरप के बाद इंदौर प्रशासन अलर्ट

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने जहरीले कफ सिरप के मामले में निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित ड्रग्स वाली कप सिरप अगर किसी डॉक्टर ने लिखी तो एफआईआर दर्ज कर सीधे जेल भेजें देंगे।

उन्होंने सीएमएचओ, फूड एंड ड्रग डिपार्टमेंट को सख्त निर्देश दिए हैं कि दवा बाजार, मेडिकल स्टोर व शिशु रोग विशेषज्ञ अस्पतालों पर नजर रखे। अगर कहीं कोई हुई चूक तो सख्त कार्रवाई करें।

कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिस जहरीले कफ सिरप के कारण छिंदवाड़ा में बच्चों की जान गई वो इंदौर में सप्लाई नहीं हुई थी।

बिक्री करने वालों पर रखी जा रही नजर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि जिले में अभियान चलाकर इस कफ सिरप की जांच की जा रही है। साथ ही सभी ड्रग कंट्रोलर को फील्ड में रहकर विशेष निगरानी के भी निर्देश दिए हैं। कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है।

ऐसे में अगर कोई डॉक्टर इसे लिखता है या केमिस्ट इसकी बिक्री करता पाया जाएगा तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री को रोकने के लिए प्रशासन के द्वारा विशेष टीम का भी गठन किया गया है।

मंगलवार से चेकिंग अभियान

आज मंगलवार से, प्रशासन शहर भर में मेडिकल स्टोर और डिपो से सभी प्रकार के कफ सिरप के नमूने एकत्र करने का अभियान शुरू करेगा। इन नमूनों को प्रयोगशाला परीक्षण के लिए भेजा जाएगा। यदि किसी भी सिरप में प्रतिबंधित या हानिकारक पदार्थ पाए जाते हैं, तो निर्माता, विक्रेता और दवा लिखने वाले डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ड्रग इंस्पेक्टर लोकेश गुप्ता ने कहा कि हमने सोमवार को सात डिपो का निरीक्षण किया।

सीएमएचओ डॉ. माधव हासानी ने कहा कि हमने ड्रग इंस्पेक्टरों को निर्देश दिया है कि वे फील्ड में रहें और सभी दवाओं का निरंतर निरीक्षण करें। किसी भी असामान्य घटना या घटना की सूचना तुरंत दें। हमने अस्पतालों को भी निर्देश दिया है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके डॉक्टर मरीजों को दवाइयाँ लिखते समय नियमों का पालन करें और किसी भी मरीज को किसी विशेष दुकान से दवाएं खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए।

जन स्वास्थ्य अभियान ने केंद्र को लिखा पत्र, कफ सिरप बनाने पर रोक की मांग

जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया (जेएसएआई) ने भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय को पत्र लिखकर देश भर में कफ सिरप के निर्माण, बिक्री और विपणन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जेएसएआई ने राजस्थान (भरतपुर, सीकर) और मध्य प्रदेश (छिंदवाड़ा, बैतूल) में कथित तौर पर दूषित कफ सिरप के कारण बच्चों की हाल ही में हुई मौतों पर चिंता व्यक्त की है।

जेएसएआई ने सरकार से आग्रह किया है कि :

  • सभी कफ सिरप को सरकारी खरीद सूची से हटाया जाए।
  • ज़िम्मेदार कंपनियों और अधिकारियों के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की जाए।
  • दवा नियामक प्रणाली को मज़बूत और पारदर्शी बनाया जाए।
  • जेएसएआई ने मांग की है कि राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में विफल रहे मंत्री तुरंत इस्तीफ़ा दें।
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव से भी असुरक्षित और अनुचित दवाओं के कारण होने वाली और अधिक टाली जा सकने वाली बाल मौतों को रोकने के लिए सुधारात्मक कदम उठाने का आग्रह किया है।

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