भोपाल: मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने अपनी विकास परियोजनाओं और आधारभूत संरचना के कामों को गति देने के लिए बाजार से 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज लिया है। वित्त विभाग द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इस राशि को 18 और 30 साल की लंबी अवधि के लिए जुटाया गया है।
क्या है कर्ज का गणित?
- कुल नया कर्ज: 3,600 करोड़ रुपए।
- चालू वित्त वर्ष में कुल उधारी: 17,400 करोड़ रुपए तक पहुंची।
- प्रदेश पर कुल कर्ज का भार: बढ़कर लगभग 5.61 लाख करोड़ रुपए हो गया है।
- ब्याज दर: सरकार इन ऋणों पर 7.90 प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर का भुगतान करेगी।
ई-कुबेर प्लेटफॉर्म से नीलामी
सरकार ने यह राशि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ‘ई-कुबेर’ प्लेटफॉर्म के जरिए सरकारी बॉन्ड और प्रतिभूतियों की नीलामी से जुटाई है। इसमें संस्थागत निवेशकों ने हिस्सा लिया। ब्याज का भुगतान हर साल 15 अप्रैल और 15 अक्टूबर को किया जाएगा।
विकास कार्यों पर होगा खर्च
राज्य सरकार का कहना है कि इस राशि का उपयोग सिंचाई, बिजली, सड़क, पेयजल और अन्य जरूरी विकास कार्यों में किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्रदेश की परिसंपत्तियों का मूल्य कुल कर्ज से अधिक है, जिससे वित्तीय स्थिति नियंत्रण में है। गौरतलब है कि 31 मार्च 2026 तक प्रदेश पर कर्ज का आंकड़ा 4.88 लाख करोड़ रुपए था, जो अब और बढ़ गया है।




