Friday, October 2, 2026
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मंत्री कर सकेंगे तबादले, आदेश जारी

महेश्वर में हुई कैबिनेट बैठक में मंत्रियों को तबादले के अधिकार दिए जाने के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने नई तबादला नीति के आदेश जारी कर दिए हैं। सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि संशोधित तबादला नीति 2025 के तहत राज्य स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर प्रतिबंध लागू रहेगा।

आज जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रतिबंध अवधि के दौरान या नीति से हटकर केवल अपवाद स्वरूप परिस्थितियों में ही प्रथम, द्वितीय और तृतीय श्रेणी के शासकीय सेवकों के तबादले किए जा सकेंगे। इसके लिए संबंधित विभागीय मंत्री से प्रशासकीय अनुमोदन आवश्यक होगा।

तबादलों के लिए निर्धारित नियम

गंभीर बीमारी के आधार पर

  • कैंसर, लकवा, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर बीमारियों से उत्पन्न तात्कालिक परिस्थितियों में तबादला किया जा सकेगा।

कोर्ट के आदेश के तहत

  • ऐसे न्यायालयीन निर्णय, जिनका पालन करना अनिवार्य हो और कोई अन्य विधिक विकल्प न हो, के आधार पर भी तबादला किया जा सकेगाइस स्थिति में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध कोई अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित नहीं होनी चाहिए।

अनुशासनात्मक कार्यवाही के तहत

  • यदि किसी शासकीय सेवक पर गंभीर शिकायत, अनियमितता या लापरवाही के आरोप सिद्ध हो चुके हैं और उसके विरुद्ध मप्र सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) 1966 के नियम 14 या 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा चुकी है, तो उसका भी तबादला किया जा सकेगा।

भ्रष्टाचार या आपराधिक प्रकरण में संलिप्तता

  • यदि लोकायुक्त, ईओडब्ल्यू या पुलिस द्वारा किसी शासकीय अधिकारी/कर्मचारी के विरुद्ध आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया हो या अभियोजन की प्रक्रिया शुरू होने के कारण जांच प्रभावित होने की संभावना हो, तो तबादला किया जा सकता है।

प्रशासनिक जरूरतों के आधार पर

  • निलंबन, त्यागपत्र, सेवानिवृत्ति, पदोन्नति, प्रतिनियुक्ति से वापसी या किसी शासकीय सेवक के निधन के कारण रिक्त पदों पर लोकहित में तबादला किया जा सकेगा।
  • हालांकि, इस स्थिति में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जहां से तबादला किया जा रहा है, वहां पद रिक्त न हो और नए स्थान पर आवश्यकता से अधिक कर्मचारियों की पदस्थापना न की जाए।

परियोजना पूर्ण होने पर

  • किसी भी सरकारी परियोजना का कार्य पूरा होने के बाद या संबंधित पद के अन्यत्र स्थानांतरित होने की स्थिति में तबादला किया जा सकेगा।

सीएम कार्यालय के मामलों में भी अनुमोदन आवश्यक

तबादला नीति के अनुसार, मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त उच्च प्राथमिकता वाले प्रकरणों में संबंधित विभाग के सचिव को प्रशासकीय अनुमोदन प्राप्त कर आदेश जारी करना होगा।

यदि कोई तबादला प्रकरण विभागीय नीति के अनुरूप नहीं पाया जाता, तो ऐसे मामलों में विभागीय सचिव को पहले विभागीय मंत्री से अनुमोदन लेना होगा। इसके बाद, अपर मुख्य सचिव या प्रमुख सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री कार्यालय को दोबारा प्रस्ताव भेजकर अंतिम आदेश प्राप्त किया जा सकेगा।

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