कनाड़िया में किसान परिवार की 8 बीघा जमीन को लेकर हत्या की घटना सामने आई है। यह जमीन चार भाइयों और दो बहनों के हिस्से में थी। इसे चार लोगों को खेती के लिए दिया गया था, लेकिन बाद में उन्होंने इस पर अपना मालिकाना हक जताया। इस विवाद को लेकर बाबूलाल और अन्य परिजनों ने कलेक्टर से शिकायत भी की थी।
दो दिन पहले किसान का शव खेत में पड़ा मिला। पुलिस ने जांच की तो मामला हत्या का निकला। इस संबंध में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में यह सामने आया कि समझौता न करने पर बाबूलाल की हत्या कर दी गई।
कनाडिया थाना क्षेत्र के सालीगाम में स्थित खेत की मेड़ पर 27 मार्च को बडियाकीमा निवासी बाबूलाल उर्फ गब्बर परमार का शव मिला। पुलिस ने शव को एमवाय अस्पताल भेजा और बाद में मृतक की पहचान होने पर पोस्टमॉर्टम कराया।
जांच में पता चला कि 8 बीघा पुश्तैनी जमीन बाबूलाल के पिता के नाम पर थी, जिसमें उसके भाई हेमसिंह, फूलचंद, ठाकर सिंह और दो बहनों के साथ उसका भी हिस्सा था। यह जमीन मानसिंह परिहार, घनश्याम परिहार और लालचंद हिरासत को दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसका सौदा अनूप नामक बिल्डर से कर लिया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि बाबूलाल के रिश्तेदार विक्रम पुत्र प्रभुलाल मालवीय और मुकेश पुत्र रतनसिंह मडलाई उसे रास्ते में मिले थे और बाद में छोड़कर चले गए थे। फिर तीन अन्य आरोपियों ने उसे रास्ते में रोका, धमकाया और मारपीट की, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई और उसकी मौत हो गई।
35 लाख दे रहे थे आरोपी,डेढ़ करोड थी डिमांड
हत्या के पीछे जमीन के सौदे का विवाद था। आरोपियों ने बाबूलाल के पिता से यह जमीन अपने नाम कराई थी, लेकिन बाबूलाल ने कलेक्टर और अन्य अधिकारियों से इसकी शिकायत की थी। वह लगातार इस सौदे का विरोध कर रहा था। आरोपी उसे 35 लाख रुपए देने को तैयार थे, लेकिन बाबूलाल डेढ़ करोड़ रुपए की मांग कर रहा था। इस विवाद के चलते आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उसकी हत्या कर दी।