भोपाल
मध्य प्रदेश के चर्चित टेक होम राशन (THR) और पोषण आहार घोटाले में लोकायुक्त संगठन ने जांच तेज कर दी है। पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और तत्कालीन एसआरएलएम सीईओ ललित मोहन बेलवाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका संदेह के घेरे में है।
लोकायुक्त संगठन ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव दीपाली रस्तोगी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर जवाब देने के कड़े निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा दिए गए आंकड़े कैग (CAG) की ऑडिट रिपोर्ट से मेल नहीं खा रहे हैं, और विधानसभा में दिए गए जवाबों में भी विरोधाभास सामने आया है।
क्या है पूरा मामला?
- शिकायत: पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत पर यह मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर पोषण आहार संयंत्र एसआरएलएम को सौंपे गए, जिससे वित्तीय अनियमितताएं हुईं।
- नेहा मारव्या की जांच: सबसे पहले आईएएस अधिकारी नेहा मारव्या ने राशन वितरण में भारी गड़बड़ियां पकड़ी थीं।
- फर्जीवाड़ा: 2022 की कैग रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि बिना स्टॉक के ही फर्जी चालानों और गलत वाहन नंबरों के जरिए राशन की आपूर्ति दिखा दी गई।
- ढाई साल से मांग: लोकायुक्त पिछले ढाई साल से इस मामले में तथ्यात्मक रिपोर्ट और पालन प्रतिवेदन मांग रहा है, लेकिन विभाग टालमटोल कर रहा है।
विधायक प्रताप ग्रेवाल ने आरोप लगाया है कि वरिष्ठ अधिकारियों को बचाने के लिए मामले पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। लोकायुक्त की इस सख्ती से प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।




