मध्यप्रदेश के पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने ओबीसी आरक्षण को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। भोपाल में बीजेपी के स्टेट मीडिया सेंटर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर प्रहलाद पटेल ने कहा- कांग्रेस पार्टी और उसके नेता लगातार आरक्षण विशेषकर पिछड़े वर्ग के आरक्षण के बारे में उनकी जो मंशा रही है वो देश के सामने आ गई है। आजादी के बाद से कांग्रेस ने दो ही रास्ते तय किए थे। उसमें तुष्टिकरण और बहुसंख्यक समाज के प्रति उनके दुराव का जो लक्ष्य था। बहुसंख्यकों के खिलाफ कांग्रेस की मंशा बहस का मुद्दा बनी है।
ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा नहीं दिया
पटेल ने कहा- 11 अगस्त 2018 हमारे लिए बहुत ही ऐतिहासिक तारीख है। जिस दिन मोदी सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक दर्जा दिया था। क्योंकि जो मंशा कांग्रेस की थी उसका ये सबसे बड़ा प्रमाण है कि संविधान में उल्लेख होने के बाद भी कांग्रेस ने 2018 तक इसका इंतजार किया कि मोदी जी सरकार बनेगी, और वो उस कमीशन को संवैधानिक दर्जा देंगे। कमीशन 1993 में बना लेकिन उसे संवैधानिक मान्यता नहीं मिली। उसके पीछे मैं एक षड्यंत्र देखता हूं। ताकि राज्य मनमर्जी से अपने आयोग बनाकर जो चाहें वो करते रहें।
मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा- 1993 में पिछड़ा वर्ग कमीशन बनने के बाद भी 2004 में कांग्रेस की आंध्र प्रदेश की सरकार ने जहां मुस्लिम आबादी कुल 9.5% थी वहां 7 से 10 प्रतिशत आरक्षण देने की कोशिश की। वो बात अलग है कि आंध्र हाईकोर्ट ने उसे इनकार कर दिया। फिर उन्होंने 2005 और 2006 में प्रयास किया। वो मामला अभी तक सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है।
भाजपा की सरकार जब आई थी तो धर्म आधारित आरक्षण को खत्म किया गया था। जैसे ही सरकार बदली फिर से उस प्रदेश पर उस परिस्थिति को लाद दिया। अब ये बात सही है कि संवैधानिक दर्जा पिछड़ा वर्ग आयोग को है तो उसने वहां के मुख्य सचिव को नोटिस दिया है।
पटेल ने कहा- कांग्रेस की सरकारों को पिछड़ों के आरक्षण को खाने की छूट मिली हुई थी। चाहे वो केरल हो, कर्नाटक हो, आंध्र हो। कांग्रेस ने अकेले पिछड़ों के आरक्षण पर डाका नहीं ड़ाला। बल्कि एससी, एसटी और पिछडे़ सभी वर्ग के आरक्षणों पर डकैती की है। उसका सबसे बड़ा उदाहरण है अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का, जहां कोर्ट के आदेश के विरुद्ध एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को समाप्त किया गया।
ये मंशा आज देश के सामने हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान को कांग्रेस झुठला नहीं पा रही है। उन्होंने कहा था कि इस देश की संपत्ति पर पहला हक मुसलमानों का है। लेकिन हमारे प्रधानमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि इस देश पर पहला हक गरीबों का है।




