भोपाल। शहर में ईदुल अज़हा (बकरीद) को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं और इस वर्ष 28 मई को त्योहार मनाया जाना तय हुआ है। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, बाजारों में रौनक और मुस्लिम समाज में उत्साह साफ देखा जा सकता है। हालांकि, इस बीच शहर की ऐतिहासिक ईदगाह और उसके आसपास की अव्यवस्थाओं को लेकर चिंता भी सामने आने लगी है।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव, वक्फ बोर्ड पर उठे सवाल
कौमी खिदमतगार हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने औकाफ अमला और संबंधित विभागों से मांग की है कि ईद से पहले ईदगाह और उसके आसपास के क्षेत्रों की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जाएं। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि ईदगाह की गरिमा के अनुरूप यहां हर साल सफाई, सुरक्षा और पार्किंग के पुख्ता इंतजाम देखने को नहीं मिलते हैं।
”वक्फ बोर्ड के पास करोड़ों का बजट होने के बावजूद ऐतिहासिक ईदगाह और उसकी पार्किंग व्यवस्था को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। ईद के मौके पर जब हजारों नमाजी यहां जुटते हैं, तब मूलभूत सुविधाओं का न होना बेहद अफसोसजनक है।”
— हाजी मोहम्मद इमरान हारून
रसूखदारों और नगर निगम से सहयोग की अपील
हाजी इमरान ने शहर के रसूखदार और जिम्मेदार लोगों से भी आगे आने की अपील की है ताकि ईदगाह और उसकी पार्किंग के संरक्षण व सुरक्षा में योगदान दिया जा सके। इसके साथ ही उन्होंने नगर निगम से मांग की है कि त्योहार के मद्देनजर पूरे शहर में पानी, साफ-सफाई और अन्य जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे किए जाएं।
समाज से की स्वच्छता बनाए रखने की गुजारिश
उन्होंने मुस्लिम समाज के लोगों से भी खास अपील की है कि वे ईदुल अज़हा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। अपने-अपने मोहल्लों और घरों के आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, ताकि यह पाक त्योहार पूरी जिम्मेदारी, सादगी और आपसी सौहार्द के साथ मनाया जा सके।



