ऑपरेशन सिंदूर और केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देश पर देश के सभी राज्यों में आज होने वाली मॉक ड्रिल के लिए एमपी के भी पांच शहरों को चुना गया है। इनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और कटनी शामिल हैं।
भोपाल में शाम 4 बजे डीबी मॉल में आग से बचाव और लोगों को बाहर निकालने के साथ नूतन कॉलेज में बने अस्थाई अस्पताल पहुंचाने की रिहर्सल की गई। वहीं न्यू मार्केट में भी लोगों को हमले के दौरान सुरक्षित निकलने की रिहर्सल हुई।
इधर, डीबी मॉल से मरीजों को लेकर एंबुलेंस नूतन कॉलेज में बनाए गए अस्थाई अस्पताल पहुंची। जहां घायलों का इलाज शुरू किया गया। एक मरीज गंभीर होने पर उसे रेड जोन में शिफ्ट किया गया। अस्थाई अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान एक चूक भी आई सामने आई। यहां स्टाप ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचा लेकिन मास्क किट भूल गए। जिसके बाद मरीज को दूसरे बेड में इलाज के लिए भर्ती किया गया।
हालाकि टीम ने तत्काल गलती सुधारते हुए जेपी अस्पताल से मास्क किट मंगवाई। अस्थाई अस्पताल में स्वस्थ विभाग द्वारा कुल 110 लोगों का स्टाफ तैनात किया गया है इसमें स्पेशलाइज्ड डॉक्टर, मेडिकल ऑफिसर, सपोर्टिंग स्टाफ, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल स्टाफ, फार्मासिस्ट समेत अन्य शामिल है।
मॉक ड्रिल के दौरान कुल 10 एम्बुलेंस लगाई गईं हैं। जिसमें से 5 डीबी मॉल, 3 कोकता बायपास और 2 ईट खेड़ी में में तैनात की गई थी। शाम 7.30 बजे शहर में ब्लैकआउट होगा
मॉक ड्रिल को लेकर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने कहा,
इस रिहर्सल का उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करना और उन्हें किसी भी विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार करना है। इसके साथ ही बचाव कार्य में काम करने वाली सभी टीमों में आपसी समन्वय और बेहतर तालमेल बन सके ताकि लोगों को उचित समय में मदद मिल सके।

पुलिस लाइन में इससे पहले हुई रिहर्सल
वहीं सबसे पहले पुलिस लाइन नेहरू नगर में आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल की रिहर्सल की गई। इसमें बताया गया कि हमले या आपदा के दौरान कैसे घायलों को प्राथमिक उपचार दिया जाए और उन्हें सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया जाए।
ड्रिल के दौरान CPR देना भी सिखाया गया। एक नकली हमले की स्थिति में घर में आग लगने का दृश्य दिखाया गया, जहां फायर फाइटर्स ने आग पर काबू पाया और घायलों को सुरक्षित निकाला।
इन तस्वीरों में देखिए कैसे भोपाल में मॉक ड्रिल की गई










