विदिशा:
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा-163 के तहत आगामी दो महीनों के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। पुलिस अधीक्षक के प्रस्ताव पर यह कदम उठाया गया है, जिसके तहत अब जिले में बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के कोई भी रैली, जुलूस, धरना-प्रदर्शन, पुतला दहन या अन्य सामूहिक विरोध कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, शादी की बारात, पारिवारिक समारोह और शवयात्रा जैसे पारंपरिक आयोजनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है।
क्यों लिया गया फैसला?
प्रशासन का कहना है कि हाल के दिनों में बिना अनुमति के होने वाले सार्वजनिक कार्यक्रमों के कारण यातायात बाधित हो रहा था और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका बनी हुई थी। आगामी त्योहारों और आयोजनों को देखते हुए एहतियात के तौर पर यह निर्णय लिया गया है।
राजनीतिक गरमागरमी
मंगलवार रात जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट का घेराव करने का प्रयास किया था। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद कार्यकर्ताओं ने सड़क पर बैठकर लगभग एक घंटे तक धरना दिया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। इस घटना के ठीक अगले दिन यह आदेश आने से जिले की राजनीति गरमा गई है।
कांग्रेस का विरोध
जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहित रघुवंशी ने इस फैसले को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन ने सरकार के दबाव में यह कदम उठाया है, जबकि संविधान हर नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता की आवाज दबाने के ऐसे प्रयास उचित नहीं हैं।



