मैहर:जिले के ककरा आंगनबाड़ी केंद्र का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें बच्चों को पोषण आहार के रूप में कथित तौर पर सिर्फ नमक और पूरी परोसे जाने का दावा किया गया था। मामला सामने आने के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया था।

जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) राजेंद्र बांगड़े के निर्देश पर परियोजना अधिकारी अखिलेश दीपांकर ने मामले की जांच की और अपनी रिपोर्ट सौंप दी है।
जांच में क्या आया सामने?
- वीडियो निकला पुराना: जांच में खुलासा हुआ कि वायरल वीडियो करीब तीन महीने पुराना है, जिसे भोजन परोसने की प्रक्रिया के दौरान अधूरा रिकॉर्ड कर प्रसारित किया गया था।
- आपसी विवाद का मामला: शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि समूह की अध्यक्ष राधा बाई और गांव के ही एक युवक के बीच आपसी मतभेद के कारण यह वीडियो वायरल किया गया था।
- कर्मचारियों की स्थिति: घटना के दिन आंगनबाड़ी केंद्र पर सिर्फ 62 वर्षीय सहायिका ऊषा गौतम मौजूद थीं, जबकि कार्यकर्ता सुमन जायसवाल ककरा सामुदायिक केंद्र पर टीकाकरण ड्यूटी में थीं।
- स्व-सहायता समूह को लेकर स्थिति: वर्तमान में ‘शिवम् स्व-सहायता समूह’ द्वारा बच्चों को भोजन और नाश्ता वितरित किया जाता है। जांच में इस समूह की तरफ से कोई नई लापरवाही नहीं पाई गई है, हालांकि पूर्व की अनियमितताओं के चलते इस पर पहले जुर्माना लगाया जा चुका है।




