Saturday, June 27, 2026
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डेटा मिसमैच होने से ‘भूतिया’ हो गए 44810 कर्मचारी

प्रदेश के 44 हजार 810 कर्मचारियों द्वारा छह माह से वेतन नहीं लिए जाने के मामले में सरकार ने अब तक किसी को जिम्मेदार नहीं पाया है। सरकार ने त्यागपत्र देने वाले, सेवानिवृत्त होने वाले, प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले, बगैर एम्पलाई कोड वाले और मृत कर्मचारियों का डेटा समय पर अपडेट नहीं होने से डेटा मिसमैच होने की बात कही है।

उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने जिम्मेदार अधिकारियों को प्रदेश के सभी कर्मचारियों का डेटा समय पर अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि डेटा अपडेशन में देरी पर संबंधित डीडीओ की जिम्मेदारी तय की जाए। उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि डेटा क्लीनिंग एक्सरसाइज कंटीन्यू प्रोसेस है। इसमें लगातार कर्मचारियों का डेटा अपडेट किया जाता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कर्मचारियों का डेटा सत्यापन किया गया है और अभी तक कोई भी कर्मचारी संदिग्ध नहीं पाया गया है। यानी किसी भी कर्मचारी को नियमों के विपरीत किसी भी प्रकार से कोई आर्थिक लाभ नहीं मिला है।

44810 कर्मचारियों ने नहीं लिया वेतन

  • उप मुख्यमंत्री देवड़ा ने बताया कि डेटा क्लीन करने की प्रक्रिया के बाद IFMIS NEXT GEN में Data Migration करना सुविधाजनक होगा।
  • इससे शुद्ध डेटा की फीडिंग हो सकेगी। आयुक्त कोष एवं लेखा द्वारा गठित स्टेट फाइनेंशियल इंटेलिजेंस सेल (SFIC) विभिन्न डेटा सेट्स का निरंतर विश्लेषण कर रही है।
  • IFMIS डेटा से संज्ञान में आया कि प्रदेश में 36 हजार 26 नियमित, 8 हजार 784 गैर नियमित कुल मिलाकर 44 हजार 810 कर्मचारियों का वेतन नहीं लिया गया है।
  • शासन स्तर से वेतन आहरण नहीं होने के कारणों का पता लगाने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।

अब तक सामने आई यह वजह

वेतन नहीं निकाले जाने के संभावित कारणों की पड़ताल में सामने आया कि त्यागपत्र देने वाले, सेवानिवृत्त होने वाले, प्रतिनियुक्ति पर जाने वाले, बगैर एम्पलाई कोड वाले और मृत कर्मचारियों का डेटा समय पर अपडेट नहीं होने से डेटा मिसमैच हुआ है। शासन स्तर से इनकी वास्तविक संख्या ज्ञात कराई जा रही है। IFMIS में DDO (आहरण संवितरण अधिकारी) तथा कोषालय अधिकारी स्तर से डेटाबेस में अपडेट कराएंगे। इसके लिए सभी डीडीओ से कोषालय अधिकारियों के माध्यम से जानकारी एकत्रित कर भविष्य में सभी प्रविष्टियां समय पर करने के निर्देश दिए हैं।

कमिश्नर ने कहा, कोई सस्पेक्ट नहीं

आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया कि प्रथम दृष्टया DDO से सत्यापन उपरांत जानकारी एनालिसिस करने पर अभी तक कोई संदिग्ध कर्मचारी सामने नहीं आया है। सभी डीडीओ को एम्पलाई कोड के सामने फ्लैगिंग करने तथा एग्जिट, एंट्री वगैरह के माध्यम से डेटाबेस अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। आयुक्त कोष एवं लेखा ने बताया है कि ऐसे नियमित एवं गैर नियमित कर्मचारियों की डेटा सम्बन्धी जानकारी प्राप्त की गई है, जिनका वेतन IFMIS कोषालय प्रणाली से नहीं निकाला गया है। यह अन्य किसी प्रणाली जैसे प्रतिनियुक्ति, स्थानीय निकाय आदि से निकाला जा सकता है। इसके साथ अन्य संभावित कारणों को डीडीओ के माध्यम से एकत्रित किया गया है।

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