मध्य प्रदेश में ब्रेक के बाद मानसून एक बार फिर पूरी ताकत से बरस रहा है। पिछले 24 घंटों में हुई मूसलाधार बारिश ने राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में जनजीवन ठप कर दिया है। अकेले भोपाल में 7 इंच बारिश दर्ज की गई है।
प्रमुख जिलों में बारिश का हाल
- नर्मदापुरम: 5 इंच
- रायसेन: 4.9 इंच
- राजगढ़ और शाजापुर: 4.5 इंच
- सीहोर: 4 इंच
प्रमुख शहर और ग्रामीण इलाकों की स्थिति
- राजधानी में जलभराव: भोपाल के सेमरा इलाके में पानी भरने से करीब 200 मकानों के लोग घरों में कैद हो गए। ईंटखेड़ी थाना परिसर और भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रैक डूबने से यातायात प्रभावित हुआ। कई जगहों पर पेड़ उखड़ गए, जिसके चलते स्कूलों की छुट्टी करनी पड़ी।
- सीहोर और ब्यावरा: सीहोर में एक उफनते नाले को पार कर गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाना पड़ा। ब्यावरा में रेलवे अंडरपास डूबने से 25 गांवों का संपर्क कट गया है।
- मंडला और अन्य जिले: मंडला में नर्मदा नदी खतरे के निशान के करीब है, जहां फंसे 7 परिवारों का रेस्क्यू किया गया। रायसेन, शाजापुर, विदिशा और उमरिया में पानी रिहायशी इलाकों और बाजारों तक घुस गया है।
बांधों का बढ़ा जलस्तर, खोले गए गेट
- भोपाल: बड़े तालाब का जलस्तर 2 फीट से ज्यादा बढ़ गया है। कोलार, कलियासोत और केरवा डैम में भी लगातार पानी की आवक हो रही है।
- उमरिया: जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा गया है।
- आगर-मालवा: कुंडलिया डैम के गेट भी जलस्तर बढ़ने पर खोले गए हैं।
लगातार बारिश से प्रदेश के सभी बड़े बांधों में पानी तेजी से बढ़ रहा है:




