राजगढ़। राजगढ़ जिले में फर्जी शैक्षणिक दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी पाने वाले 9 प्राथमिक शिक्षकों के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा के निर्देशन में जांच के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने इन सभी की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं।
ऐसे खुला फर्जीवाड़ा
शिक्षा विभाग को इन शिक्षकों के खिलाफ शिकायतें मिली थीं। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल और कर्नाटक स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी से उनके दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। जांच रिपोर्ट में सभी के दस्तावेज फर्जी पाए गए। जवाब देने का अवसर देने के बावजूद शिक्षक अपनी योग्यता साबित नहीं कर सके, जिसके बाद उन पर यह कार्रवाई की गई।
अपराधिक मामला भी दर्ज होगा
सेवा समाप्ति के बाद, अब प्रशासन इन शिक्षकों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की तैयारी में है। जिला शिक्षा अधिकारी ने राजगढ़ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है।
इनकी सेवाएं की गईं समाप्त
जिन शिक्षकों पर कार्रवाई हुई है, उनमें रमेशचंद्र यादव, पवन शर्मा, सुनील कुमार प्रजापति, हेमंत शर्मा, सावित्री दांगी, बने सिंह लववंशी और भारत सिंह यादव सहित कुल 9 लोग शामिल हैं। इनमें से ज्यादातर ब्यावरा और नरसिंहगढ़ विकासखंड के प्राथमिक विद्यालयों में पदस्थ थे।
सख्त संदेश
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी हासिल करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



