पाकिस्तान कैबिनेट ने एक विधेयक को मंजूरी दी है। इसके तहत अब सरकार गवर्नमेंटल एसेट्स को बेच सकेगी। ऑर्डिनेंस के मुताबिक, पाकिस्तान अपनी ऑयल और गैस कंपनियां संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को बेचेगी। इसके अलावा कुछ और कंपनियां सऊदी अरब और चीन जैसे देशों को बेची जाएंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहबाज शरीफ सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि अब कोई देश पाकिस्तान को कर्ज नहीं दे रहा।
मजे की बात यह है कि इमरान खान जब प्रधानमंत्री थे तो मुल्क के कई हाईवे और एयरपोर्ट्स को उन्होंने कर्ज रखने के लिए गिरवी रख दिया। अब यही इमरान खान शरीफ सरकार के फैसले के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
क्या-क्या बेचने की तैयारी
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड, ऑयल गैस डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और मुरी गैस कंपनी सबसे पहले बेचने की तैयारी है। दिक्कत मई में शुरू हुई। उस वक्त UAE ने पाकिस्तान को और कर्ज देने से साफ इनकार कर दिया था। UAE ने कहा था कि पाकिस्तान पहले का ही कर्ज नहीं लौटा पा रहा है।
एक अनुमान के मुताबिक, शरीफ सरकार इन कंपनियों को बेचकर 2 से 2.5 अरब डॉलर हासिल करेगी। इससे दिवालिया होने का संकट कुछ महीनों के लिए टाला जा सकेगा।




