बागरोदा औद्योगिक क्षेत्र में पकड़े गए 1814 करोड़ के एमडी ड्रग्स केस में मप्र का इंडस्ट्री विभाग, नारकोटिक्स विंग, इंटेलिजेंस विंग और मप्र पुलिस चारों ही सवालों के घेरे में हैं। कारण, जयदीप सिंह ने फर्नीचर फैक्टरी के लिए जमीन लीज पर ली थी, जो मेसर्स वास्तुकार प्रोपराइटर के नाम से रजिस्टर्ड है। दो साल बाद जयदीप सिंह ने इसे भेल से रिटायर्ड एसके सिंह को बेच दिया।
6 महीने पहले एसके सिंह ने फैक्टरी अमित चतुर्वेदी को किराए पर दी। 2020 में फैक्ट्री का आखिरी सर्वे हुआ। इसके बाद फैक्ट्री में क्या चल रहा? किसी को पता नहीं। किसने, किसको, किसलिए किराए पर दिया और कब उसमें ड्रग्स बनने लगा, कोई बोलने के लिए तैयार नहीं।
पुलिस ने जयदीप और एसके सिंह पर धारा 223 के तहत मामला दर्ज किया है। एमपी औद्योगिक विकास निगम के कार्यकारी निदेशक विशाल सिंह चौहान के मुताबिक जयदीप सिंह ने फैक्टरी किराए पर दी, जो नियमों का उल्लंघन है। निगम, जयदीप के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। आईजी कानून व्यवस्था मप्र अंशुमन सिंह ने बताया कि हम एटीएस गुजरात और एनसीबी दिल्ली के संपर्क में हैं।
आरोपियों को ट्रांजिट वारंट पर गुजरात ले गए… दोनों आरोपियों को भोपाल कोर्ट में पेश करने के बाद ट्रांजिट वारंट पर लेकर एटीएस गुजरात रवाना हुई। सान्याल 2017 में अंबोली इलाके में 1 किलो ड्रग्स के साथ पकड़ा गया था। इस मामले में उसे 5 साल की सजा हुई थी।
सीएम बोले -केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से कामयाबी, कांग्रेस बोली-खुफिया तंत्र फेल
मामले में कांग्रेस ने प्रदेश सरकार को घेरा तो भाजपा ने कांग्रेस पर प्रदेश को बदनाम करने का आरोप लगाया। मप्र कांग्रेस के अधिकारिक एक्स हैंडल पर लिखा गया कि – ‘मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 1800 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत की ड्रग्स बरामद..यह खबर जितनी बड़ी हैं उतनी ही शर्मनाक है !! राजधानी में यह गौरखधंधा इतने बड़े स्तर पर पनपता रहा और मप्र की मोहन सरकार आंखें बंद कर बैठी रही! सवाल कई हैं लेकिन जवाबदार मौन है…एटीएस गुजरात और एनसीबी द्वारा यह कार्रवाई होती रही और मध्यप्रदेश पुलिस सोती रही..क्या यह मध्यप्रदेश के इंटेलिजेंस का फेल्योर नहीं है?’
शाम को 7 बजे गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए लिखा – ‘गुजरात ATS तथा NCB दिल्ली द्वारा भोपाल में की गई संयुक्त कार्रवाई के दौरान मप्र पुलिस के द्वारा सराहनीय मदद की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार।’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात के गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी ने एक्स पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को बधाई देते हुए लिखा – ‘गुजरात ATS तथा NCB दिल्ली द्वारा भोपाल में की गई संयुक्त कार्रवाई के दौरान मप्र पुलिस के द्वारा सराहनीय मदद की गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं उनकी समस्त टीम का बहुत-बहुत आभार।’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुजरात के गृह राज्यमंत्री संघवी का आभार जताते हुए कि मप्र सरकार सभी केंद्रीय एजेंसियों और प्रदेश सरकारों के सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा के मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने एक्स पर लिखा कि इस तरह के ऑपरेशन गोपनीय रखे जाते हैं। मप्र पुलिस के सहयोग से चले ऑपरेशन की सफलता से कांग्रेसियों के पेट में मरोड़ उठ रहा है।
पौधों में कीड़े मारने के लिए सिंथेटिक खाद थी ये ड्रग्स मेफेड्रोन (एमडी) पौधों में कीड़ों को मारने के लिए बनाई गई सिंथेटिक खाद है। इसमें इंसान को मदहोश करने वाला असर देखकर लोगों ने इसका ड्रग्स के तौर पर इस्तेमाल शुरू किया। यूके नेशनल एडिक्शन सेंटर की रिसर्च के मुताबिक इस ड्रग्स की चपेट में सबसे ज्यादा 16 से 24 साल के युवा हैं। संयुक्त राष्ट्र ने यूरोप में एमडी का सबसे बड़ा बाजार ब्रिटेन को ही माना है। यहां साल 2010 से अब तक इसका इस्तेमाल 300 फीसदी बढ़ा है।




