हलालपुर बस स्टैंड से सीहोर नाके तक तीन किलोमीटर लंबे बैरागढ़ फ्लाईओवर का निर्माण लाऊखेड़ी और सीहोर नाके पर एकसाथ शुरू हो गया है। काम पूरा करने के लिए 30 महीने यानी ढाई साल की समय सीमा तय की गई है। हालांकि अब तक का अनुभव बताता है कि शहर में प्रोजेक्ट अपनी डेडलाइन से दो साल या उससे भी अधिक देरी से बनते हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह शहर की विकास एजेंसियों में तालमेल की कमी है। बैरागढ़ फ्लाईओवर के रास्ते में कोई पेयजल और सीवेज लाइन नहीं है, लेकिन बिजली के खंभों की शिफ्टिंग होना है।
इंदौर रोड का एंट्री पॉइंट, जाम से मिलेगी निजात
फ्लाईओवर से बैरागढ़ के लोगों और ग्राहकों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। इंदौर रोड का एंट्री पॉइंट और थोक व्यापारियों का बड़ा बाजार होने के कारण यहां लोगों का आना-जाना बहुत होता है। ऐसे में मुख्य सड़क पर अक्सर जाम के हालात बने रहते हैं। फ्लाई ओवर बनने से आने-जाने वाले वो लोग जिन्हें बैरागढ़ रुकना नहीं है वे फ्लाई ओवर से सीधे जा सकेंगे।
इस प्रोजेक्ट में रुकावटें कम हैं : पीडब्ल्यूडी
^बैरागढ़ फ्लाईओवर के निर्माण में रुकावटें कम हैं। साइट पर कहीं भी पानी और सीवेज की पाइप लाइन नहीं हैं। बिजली पोल शिफ्टिंग का काम हमारी ई एंड एम विंग ने शुरू कर दिया है। त्योहार के बाद चार साइट पर काम शुरू हो जाएगा। –रवि शुक्ला, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी




