स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स निर्माण में हुए भ्रष्टाचार के विरोध में विद्यार्थी परिषद के आंदोलन का यह परिणाम है। अभाविप गत एक वर्ष से RGPV में भ्रष्टाचार के विभिन्न विषयों को उठाती आ रही है। इसी का परिणाम है कि तत्कालीन कुलसचिव भी आज न्यायिक हिरासत में है।
विगत कुछ दिनों पूर्व, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भोपाल महानगर द्वारा राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में प्रदर्शन कर कुलपति महोदय को ज्ञापन प्रेषित कर विश्वविद्यालय परिसर में स्वीकृत हुए वैश्विक स्तर के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण कार्य में बड़ी स्तर पर हुए भ्रष्टाचार एवं आर्थिक अनियमितताओं के विषय पर जांच कर उक्त घोटाले एवं गबन में लिप्त विश्वविद्यालय में कार्यरत तात्कालिक तथा वर्तमान में भी सेवारत अधिकारी व कर्मचारी को चिन्हित कर उनपर तत्काल प्रभाव पर कार्यवाही करने की मांग की गई थी।
प्रथम दृष्टया तथा डीपीआर रिपोर्ट में भी विद्यार्थी परिषद द्वारा यह देखा गया कि जिस स्तर के कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु राशि स्वीकृत करवा कर निर्माण कंपनी को राशि प्रादन कर दी गई से मेल नहीं खाता।
वहीं कैंपस में मौजूद कॉम्प्लेक्स निर्माण परियोजना के इंचार्ज वर्तमान में संपदा अधिकारी सबूर खान का होना पाया गया, जिनकी देख रख में ही यह रकम हस्तांतरित की गई थी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा संपदा अधिकारी की निलंबन की मांग कुलपति महोदय के सामने रखी जिसको मद्देनजर रखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से सबूर खान के विरुद्ध नोटिस प्रेषित कर जवाब मांगा गया तथा संपदा अधिकारी द्वारा जवाब ना देने की वजह तथा अ.भा.वि.प के निरंतर सजगता के कारण विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सबूर खान को निलंबित करने के आदेश दिए गए। अभाविप इस निर्णय का स्वागत करता है। एवं भ्रष्टाचार के विरुद्ध में अपनी लड़ाई के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करता है।




