आरटीओ के करोड़पति पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा और उसके सहयोगियो की ईडी रिमांड के बीच विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने अब मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को घेरा है। सिंघार ने सौरभ शर्मा को लेकर कई सवाल उठाए।
उन्होंने सरकार पर सौरभ को बचाने का आरोप लगाते हुए कहा कि सौरभ के घर मिले दस्तावेजों की जांच होनी चाहिए। 40 दिन फरारी के दौरान वह कहां रहा? किसने मदद की? इसकी कोई जानकारी नहीं है। यह सच सामने आना चाहिए। सौरभ शर्मा की कॉल डिटेल अब तक सार्वजनिक नहीं हुई है। कॉल डिटेल सामने आने के बाद कई अधिकारी और नेता बेनकाब होंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग से एक केंद्रीय मंत्री को हर महीने 2 करोड़ रुपए जाते थे। सिंघार ने कहा है कि जो जानकारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत को लेकर सामने लाई गई है, उसमें करीब 1250 करोड़ रुपए की अनुपातहीन संपत्ति का ब्योरा है। इसके रिकॉर्ड उनके पास हैं।सरकार को इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।

सिंघार बोले- मंत्री राजपूत ने पूरे रैकेट को संभाला नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि मंत्री गोविंद राजपूत ने पूरे रैकेट को संभाला। दशरथ पटेल और अलीम खान रिटायर होने के बावजूद भ्रष्टाचार करते रहे। उनके अलावा संजय ढांडे, संजय श्रीवास्तव ने गोविंद राजपूत के साथ मिलकर घोटाला किया। सिंघार ने कहा कि एक साल में करीब डेढ़ हजार करोड़ की कमाई होती थी।
हर महीने डेढ़ सौ करोड़ की कमाई की जाती थी। इसी से मंत्री गोविंद राजपूत ने साल 2019 से 2024 के बीच कई जमीनें खरीदीं। पत्नी और बच्चों के नाम 400 करोड़ रुपए की प्रॉपर्टी खरीदी।
सिंघार का आरोप- समिति के नाम जमीन दान कराई आरोप लगाते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि मंत्री राजपूत ज्ञान वीर समिति के नाम पर जमीनें दान करा रहे हैं। इसके लिए एक समिति बनाई गई, जिसमें गोविंद सिंह ने पत्नी और बेटे को रखा। समिति को जमीन दान कराई गईं। जो जमीन दान की गई वो भी गोविंद सिंह राजपूत के रिश्तेदारों की हैं।




