भोपाल में पर्यावरण संरक्षण के लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। होलिका दहन में लकड़ी की जगह गो-काष्ठ के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण प्रदूषण को कम करना और पेड़ों की कटाई को रोकना है।
शहर के 12 प्रमुख समाज और कई संगठन इस पहल में शामिल हुए हैं। गो-काष्ठ संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण समिति के प्रमुख सलाहकार डॉ. मोरेंद्र सक्सेना के अनुसार, गोकाष्ठ को कपड़े के थैलों में पैक कर जनता को वितरित किया जाएगा। समिति कॉलोनी के अध्यक्षों और रहवासी समितियों से लगातार संपर्क में है।
पिछली होली में इस मुहिम का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला। शहरवासियों ने 1000 क्विंटल गो-काष्ठ का उपयोग किया, जिससे लगभग 1000 पेड़ों को कटने से बचाया गया। समिति के सदस्य ममतेश शर्मा ने बताया कि भोपाल में 42 से अधिक गो-काष्ठ केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
इस वर्ष होलिका दहन 13 मार्च को होगा और रंगों का त्योहार 14 मार्च को मनाया जाएगा। जनजागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक का भी आयोजन किया जाएगा। कलचुरी सेना, नागरिक विकास समिति, सार्वदेशिक कायस्थ प्रतिनिधि संस्था, मालवीय समाज, राठौर समाज सहित कई प्रमुख समाज इस पहल में सक्रिय भागीदारी कर रहे हैं।




