भोपाल में प्रभात चौराहे पर इमारत में स्टॉक मार्केट में इन्वेस्टमेंट का झांसा देकर देश भर के लोगों को ठगने के मामले में बुधवार को टीआई जितेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी सहित चार पुलिसकर्मियों को कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने सस्पेंड कर दिया है। कार्रवाई में देरी के चलते यह निर्णय लिया गया है। चारों की विभागीय जांच शुरू कराई जा रही है।
पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा ने बताया कि
टीआई जीतेंद्र गढ़वाल, एएसआई पवन रघुवंशी और दो अन्य पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है। पिछले दिनों कॉल सेंटर पर ऐशबाग पुलिस ने छापा मारा। कार्रवाई में कई त्रुटियां थीं।
इस मामले में आरोपी अफजल खान सोमवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था। तीन दिन की रिमांड पर उससे पूछताछ चल रही है। कार्रवाई में बिलंब के चलते तीन दिन पहले ही एएसआई पवन रघुवंशी को लाइन अटैच किया गया था। जितेंद्र गढ़वाल और पवन रघुवंशी लगातार विवादों में थे।पिछले दिनों इनपर एनडीपीएस की फर्जी कार्रवाई करने के भी आरोप लगे थे कि जुए की बंदी नहीं देने पर जुआरी फरहान खान पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई थी। इस मामले में भी शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंची थी।
23 फरवरी को पुलिस ने दी थी दबिश ऐशबाग पुलिस ने कॉल सेंटर संचालित कर ठगी करने वाले ठिकाने पर 23 फरवरी को दबिश दी थी। यहां से अफजल के बेटे को गिरफ्तार किया था। बाद में उस पर 151 की कार्रवाई कर छोड़ दिया गया। मामले ने तूल पकड़ा तब कॉल सेंटर संचालक अफजल और उसकी बेटी पर एफआईआर दर्ज की गई।
जांच में करोड़ों का लेन-देन सामने आया पुलिस की जांच में साफ हुआ कि अफजल के खातों में देश भर में की गई ठगी के करीब एक करोड़ रुपए के लेन-देन भी हो चुके हैं। आरोपी के स्वयं के नाम तीन खाते हैं, जबकि अन्य खाते उसके रिश्तेदारों और कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के हैं। जिन्हें वह साइबर ठगी में इस्तेमाल किया करता था।
29 युवक-युवतियों के नाम भी सामने आए एसीपी सुरभि मीणा ने बताया कि शुरुआती जांच में 40 खातों की जानकारी सामने आई है। मास्टर माइंड अफजल ने इसमें अपने तीन खाते बताए हैं। बाकी खाते कॉल सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों के नाम खुलवाए गए थे। कॉल सेंटर में काम करने वाले 29 युवक-युवतियों के नाम सामने आ गए हैं। सोमवार को इन सभी खातों की जानकारी संबंधित बैंक से ली जाएगी।
जिनके नाम खाते हैं उनकी भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, इन युवक और युवतियों से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर भी मांगेगी। आरोपी के पास से कई दस्तावेज बरामद किए गए हैं। इन सभी को जांच में लिया गया है। आरोपी के परिवार के बाकी सदस्यों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं।




