मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव उड़ीसा दौरे के बाद शनिवार को दिल्ली पुहंचे। यहां सीएम यादव ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से शिष्टाचार भेंट की और एमपी आने का न्योता दिया। दिल्ली प्रवास के दौरान सीएम केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिले और राज्य सरकार के कामकाज की जानकारी देकर केंद्र से मिलने वाली राशि जल्द रिलीज कराने का आग्रह किया। उन्होंने अन्य केंद्रीय मंत्रियों और संगठन नेताओं से मुलाकात की, और केंद्र के अलग-अलग विभागों से एमपी को 31 मार्च के पहले मिलने वाले फंड के बकाया 16270.10 करोड़ रुपए की राशि रिलीज करने का आग्रह किया।
केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों से मोहन सरकार को 31 मार्च के पहले बड़ी रकम रिलीज कराना होगा। क्योंकि अब वित्त वर्ष के सिर्फ 9 दिन शेष बचे हैं। इसी के चलते सीएम यादव दिल्ली में हैं और केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर वे एमपी सरकार को अलग-अलग योजनाओं में दिए जाने वाले फंड को 31 मार्च के पहले रिलीज करने का आग्रह किया।
22 दिन में केंद्र ने भेजे 2655.75 करोड़
केंद्र सरकार द्वारा 15 मार्च 2025 की स्थिति में एमपी सरकार को अलग-अलग संयुक्त योजनाओं में दी जाने वाली 37652.74 करोड़ की राशि में से सिर्फ 20382.64 करोड़ रुपए ही दिए गए हैं यानी अभी भी मोहन सरकार को मिलने वाली राशि में से 16270.10 करोड़ रुपए मिलना बकाया है। इसलिए सीएम मोहन यादव दिल्ली प्रवास के दौरान इस बकाया राशि को एमपी सरकार के खाते में पहुंचाने के लिए मंत्रियों से मुलाकात की।
21 फरवरी तक मोहन सरकार को केंद्र सरकार की ओर से 18925.85 करोड़ रुपए दिए गए थे जो 15 मार्च की स्थिति में बढ़कर 20382.10 करोड़ रुपए तक पहुंचे हैं। इस तरह 22 दिनों में एमपी सरकार को केंद्र से 2655.75 करोड़ रुपए मिले हैं और बाकी राशि अब नौ दिनों में आने की उम्मीद है।
उड़ीसा के बाद दिल्ली पहुंचे सीएम
दिल्ली में राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि राष्ट्रपति मुर्मू का गंभीर, सहज एवं सरल व्यक्तित्व राष्ट्रसेवा एवं जनकल्याण के प्रति संपूर्ण ऊर्जा के साथ समर्पण की प्रेरणा देता है।
इसके पहले सीएम यादव ने कल उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर पहुंचकर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के दिवंगत पिता को श्रद्धांजलि दी। साथ ही उड़ीसा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से मुलाकात की।
केंद्र से 31 मार्च तक एमपी को मिलना है 37652 करोड़
वर्ष 2024-25 में केंद्र और मध्यप्रदेश राज्य की संयुक्त योजनाओं के लिए कुल 54989.12 करोड़ रुपए का बजट तय किया है। इसमें से केंद्र के अंश के रूप में एमपी सरकार को 37652.74 करोड़ रुपए मिलने थे जबकि राज्य सरकार को राज्यांश के रूप में इन योजनाओं पर 17336.37 करोड़ रुपए खर्च करना है। वित्त विभाग के अनुसार 21 फरवरी 2025 की स्थिति में इस बजट प्रावधान के विपरीत मोहन सरकार को केंद्रीय योजनाओं में मिलने वाला केंद्रांश 18925.85 करोड़ रुपए रहा है जो कुल केंद्रांश से 18726.89 करोड़ रुपए कम है।
विक्रमोत्सव के लिए राष्ट्रपति को किया आमंत्रित
उधर, राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि
मैंने आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। हम प्रदेश में लगातार 3 महीने के लिए ‘जल गंगा अभियान’ चलाने वाले हैं। मैंने इस आयोजन का निमंत्रण राष्ट्रपति को दिया है। वे अपना कार्यक्रम तय करने के लिए सहमत हो गई हैं। मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। मैंने उन्हें मध्य प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया है।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा हम प्रदेश में लगातार 3 महीने के लिए ‘जल गंगा अभियान’ चलाने वाले हैं। मैंने इस आयोजन का निमंत्रण राष्ट्रपति को दिया है। वे अपना कार्यक्रम तय करने के लिए सहमत हो गई हैं। मैंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की। मैंने उन्हें मध्य प्रदेश आने के लिए आमंत्रित किया है।




