भोपाल में साइबर ठगी का कॉल सेंटर संचालकों को बचाने के एवज में रिश्वत देने लेने वाले एएसआई पवन रघुवंशी, एएसआई मनोज सिंह और प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र सिंह अब भी फरार हैं। मामले की जांच कर रही एसआईटी तीनों की तलाश कर रही है। वहीं मुख्य आरोपी अफजल खान के साले मोइन खान और अंशुल जैन उर्फ मोना पार्षद की तलाश में एसआईटी की टीम टीकमगढ़ में उनकी तलाश कर रही है।
आरोपियों के सहयोगियों और परिचितों के ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। शनिवार को मोइन के साले अरमान और अन्य करीबी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई है।
ट्रैप कार्रवाई में शामिल पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज
इधर, एएसआई को रिश्वत लेते ट्रैप करने वाले पुलिस जवानों के बयान एसआईटी ने शनिवार को दर्ज किए। ऐशबाग में पकड़े गए फर्जी कॉल सेंटर के तीन आरोपियों के बचाने एएसआई पवन रघुवंशी 4.94 लाख की रिश्वत लेते पकड़ा गया था। आरोपी मोइन खान, उसकी पत्नी जायदा और भाई को बचाने के लिए 25 लाख रुपए की डील हुई थी।
पार्षद आया था रकम देने
डील की रकम लेकर टीकमगढ़ से आया पार्षद अंशुल जैन सहित सभी आरोपी फरार हैं। एसआईटी प्रमुख एसीपी निहित उपाध्याय ने बताया- आरोपियों के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) आ गई है। टीम ने इसे खंगालना शुरू कर दिया है। कॉल सेंटर के आरोपी और फरार पुलिस कर्मियों के बीच हुई बातचीत की कडिय़ां जोड़ी जा रही हैं।




