मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तेजाजी नगर, इंदौर थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर एडीजी इंटेलिजेंस जयदीप प्रसाद को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस का आरोप है कि 26 मई को दर्ज एफआईआर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी और नाना पटवारी का नाम दुर्भावनापूर्वक शामिल किया गया है, जबकि उनका उस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी ने तेजाजी नगर, इंदौर थाने में दर्ज एफआईआर को लेकर एडीजी इंटेलिजेंस जयदीप प्रसाद को ज्ञापन सौंपा है। कांग्रेस का आरोप है कि 26 मई को दर्ज एफआईआर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई भरत पटवारी और नाना पटवारी का नाम दुर्भावनापूर्वक शामिल किया गया है, जबकि उनका उस प्रकरण से कोई लेना-देना नहीं है।

सिविल मामला बताकर एफआईआर पर उठाए सवाल
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह मामला मूलतः ट्रस्ट संपत्ति का है और सिविल प्रक्रिया के तहत न्यायालय में हल होना चाहिए था, लेकिन सत्ता का दुरुपयोग कर इसे आपराधिक रंग देने की कोशिश की गई है।
एफआईआर में 25 मार्च की घटना का उल्लेख है, जबकि उसे दर्ज 26 मई को किया गया यानि दो महीने बाद। कांग्रेस का कहना है कि यह स्पष्ट रूप से राजनीतिक दुर्भावना का मामला है।
पुलिस जांच की मांग, निर्दोषों को एफआईआर से हटाने की अपील
पत्र में मांग की गई है कि “अखिल भारतीय यादव समाज पब्लिक ट्रस्ट” से जुड़ी भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जिन निर्दोष लोगों भरत पटवारी, नाना पटवारी एवं कांग्रेस नेता सदाशिव यादव के नाम बिना कारण एफआईआर में जोड़े गए हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए।
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक आरिफ मसूद, पूर्व मंत्री मुकेश नायक, जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सक्सेना, पूर्व लोकसभा प्रत्याशी अरुण श्रीवास्तव, महामंत्री गौरव रघुवंशी और चुनाव आयोग प्रभारी जे.पी. धनुपिया शामिल रहें।




