महाशिवरात्रि पर्व पर रात 12 बजे ही शिवालयाें के दरवाजे खुल गए थे, इसके साथ ही मंदिराें में बम-बम भाेले की गूंज सुनाई देने लगी थी। यहां मौजूद भक्तों ने पट खुलते ही हर-हर महादेव, बम बम भोले, ओम नम: शिवाय के जयकारों के साथ मंदिरों में प्रवेश कर अपने आराध्य देवों के देव महादेव के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इसके पहले महादेव का महाभिषेक हुआ, जिसके बाद आरती की गई, फिर भक्तों का मंदिर में प्रवेश और दर्शन,पूजा अर्चना का सिलसिला शुरू हुआ। साथ ही कांवरियों ने शिवजी पर गंगाजल चढ़ाया। जिसके लिए शहर के शिवालयों में विशेष व्यवस्था की गई थी। इस दौरान शिवालयों को आकर्षक विद्युत सज्जा के साथ फूलों से सजाया गया। साथ ही महिला-पुरुष दर्शनार्थियों की लिए मंदिर में प्रवेश और निकासी की अलग-अलग व्यवस्था की गई थी। शिवालयों पर भक्तों की सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं पुलिस भी तैनात रही। इस दौरान शहर के अचलेश्वर, कोटेश्वर, गुप्तेश्वर, भूतेश्वर, हजारेश्वर, मारकंडेश्वर, गिरगांव महादेव सहित शहर के सभी शिव मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने पहुंचकर अपने आराध्य महादेव के दर्शन कर पूजा अर्चना की।
अचलेश्वर मंदिरः रात 12 बजे के पहले ही मंदिर के बाहर सैकड़ों की संख्या में भोले के भक्त अचलनाथ के दर्शन और अभिषेक के लिए एकत्र होने लगे। रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते ही भक्तों ने अचलनाथ के दर्शन कर पूजा अर्चना की। सुबह होते-होते मंदिर के बाहर हजारों भक्त कतार में खड़े नजर आ रहे थे, जिन्हें एक-एक कर मंदिर के अंदर प्रवेश दिया गया। मंदिर में भक्तों की भीड़ को देखते हुए पांच प्रवेश और तीन निकासी द्वार बनाए गए हैं, जहां से होकर भक्त अचलनाथ के दर्शन कर रहे है। मंदिर समिति द्वरा अचलनाथ को 150 क्विंटल फलाहारी खिचड़ी और 10 क्विंटल फलों से बनी चाट का भोग लगाया गया। साथ ही छप्पन भोग भी लगाए गए। मंदिर के बाहर विभिन्न संस्थाओं और भोले के भक्तों ने प्रसादी वितरण के लिए लगभग 80 स्टाल लगाए हैं, जहां से भक्तों को फलाहारी प्रसाद का वितरण किया जा रहा है।
काेटेश्वर मंदिरः काेटेश्वर मंदिर पर भक्तों के आने का सिलसिला रात्रि से ही शुरू हो गया। जहां कतार में लगे भक्तों ने मंदिर में एक-एक कर प्रवेश कर काेटेश्वर महादेव के दर्शन कर उनका अभिषेक किया। इस दौरान मंदिर पर आकर्षक सजावट की गई। साथ ही मंदिर के बाहर मेले का आयोजन भी किया गया है। जिसमें कई तरह की खिलोने और प्रसाद की दुकानों सहित कई छोटे-छोटे झूले लगाए गए हैं, जहां बच्चे मस्ती करते नजर आ रहे हैं।
मारकंडेश्वर मंदिर पर भक्तों ने देर रात्रि अभिषेक के साथ भोलेनाथ के दर्शन कर पूजा अर्चना की। इस अवसर पर मंदिर को आकर्षक रूप से सजाया गया। मंदिर में महिला और पुरुष प्रवेश के लिए अलग-अलग व्यवस्था की गई है। यहां सुबह शिवजी का पत्तियों से सन्यासी श्रंगार किया गया इसके बाद सुबह 10 बजे शिवजी का वानप्रस्थ शृंगार हुआ।




