भोपाल। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) द्वारा राजधानी में ‘शिक्षा में उभरते नए आयाम एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ विषय पर एक गरिमामय शिक्षा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षाविदों ने भारतीय मूल्यों पर आधारित आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर जोर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि भारत की असली पहचान उसकी समृद्ध ज्ञान परंपरा और गुरुकुल पद्धति रही है। उन्होंने कहा, “हमें मैकाले की शिक्षा पद्धति के प्रभाव से बाहर निकलकर भारतीय भाषाओं और दर्शन पर आधारित व्यवस्था को सशक्त करना होगा।” चौहान ने इस बात पर भी चिंता जताई कि प्रतिभा पलायन के कारण देश का युवा विदेशों की अर्थव्यवस्था मजबूत कर रहा है, जबकि हमें उन्हें राष्ट्र निर्माण के लिए यहीं अवसर देने होंगे।
विशिष्ट अतिथि और IIIT के निदेशक डॉ. आशुतोष ने कहा कि नई शिक्षा नीति (NEP) विद्यार्थियों को केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रखकर बहुआयामी अवसर प्रदान करती है। उन्होंने शिक्षा को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ भारतीय जड़ों से जोड़ने की आवश्यकता बताई।

संवाद के दौरान महानगर अध्यक्ष डॉ. महेंद्र मेहरा और महानगर मंत्री आरती ठाकुर सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक और शोधार्थी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में विशेषज्ञों ने शिक्षा में नवाचार और रोजगारोन्मुख शिक्षा से जुड़े प्रतिभागियों के सवालों के जवाब भी दिए।




