ग्वालियर। शहर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट और मध्य प्रदेश चेंबर ऑफ कॉमर्स के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक विजयवर्गीय साइबर ठगों के बड़े जाल में फंस गए हैं। ठगों ने ‘दिव्या’ बनकर सोशल मीडिया पर दोस्ती की और क्रिप्टो ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर उनसे 21.06 करोड़ रुपए की ठगी कर ली।
ऐसे शुरू हुआ खेल
ठगों ने दिसंबर 2025 में मैसेज कर खुद को निवेश सलाहकार बताया। पहले छोटा मुनाफा देकर विश्वास जीता, फिर धीरे-धीरे करोड़ों का निवेश करा लिया। फर्जी पोर्टल पर जब उनका मुनाफा 33 करोड़ रुपए से ज्यादा दिखने लगा, तो लालच में आकर उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की।
इनकम टैक्स के नाम पर ऐंठे करोड़ों
जब पीड़ित ने पोर्टल से पैसे निकालने चाहे, तो ठगों ने उसे रोक दिया। इसके बाद इनकम टैक्स और ‘रिस्क मार्जिन’ के नाम पर उनसे लगातार और पैसे मांगे गए। 20 अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराने के बाद जब ठगी का एहसास हुआ, तो 11 जुलाई को पीड़ित ने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की जांच शुरू
डीएसपी (साइबर सेल) संजीव नयन शर्मा ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया गया है। ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए तीन व्हाट्सएप नंबर, 20 बैंक खातों और फर्जी ट्रेडिंग पोर्टल की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों को फ्रीज कराकर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
आम लोगों के लिए सतर्कता: किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर क्रिप्टो या ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश न करें। अधिक मुनाफे के लालच में बड़ी रकम गंवा सकते हैं।




