Saturday, September 26, 2026
25.1 C
Bhopal

भोपाल में गरीबों की दुकानें 11 बजे बंद, मिसरोद के ‘द मिडनाइट फडल’ में रात भर पार्टियां

आम आदमी की दुकान 11 बजे बंद, तो रसूखदारों के इस क्लब को आधी रात तक खुली छूट किसने दी?

राजधानी भोपाल में कानून व्यवस्था का माखौल किस तरह उड़ाया जा रहा है, इसका सबसे बड़ा और जीता-जागता उदाहरण ‘द मिडनाइट फडल’ क्लब बन गया है। शहर में एक तरफ जहाँ पुलिस रात 11 बजते ही सड़क किनारे चाय बेचने वालों, खोमचे वालों और छोटे दुकानदारों को डंडे के जोर पर खदेड़ देती है, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल क्लब में देर रात तक कानून को खुलेआम चुनौती दी जाती है।

‘द मिडनाइट फडल’ को किसका संरक्षण?
शहर के गलियारों में अब यह सवाल गूंजने लगा है कि आखिर ‘द मिडनाइट फडल’ क्लब के मालिकों के पास ऐसा कौन सा रसूख है, जिसके आगे स्थानीय पुलिस पूरी तरह नतमस्तक है? जब पूरे शहर के लिए रात 11 बजे के बाद व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने का सख्त सरकारी फरमान है, तो इस क्लब के दरवाजे आधी रात के बाद भी क्यों आबाद रहते हैं? यहां रात भर तेज आवाज में डीजे बजता है, शराब के जाम छलकते हैं और वीआईपी पार्टियां चलती हैं। ताज्जुब की बात यह है कि पुलिस की पेट्रोलिंग गाड़ियां इस इलाके से गुजरती जरूर हैं, लेकिन इस क्लब की तरफ देखने की जहमत नहीं उठातीं।

वायरल वीडियो चीख-चीख कर दे रहे गवाही, फिर भी प्रशासन मौन
ऐसा नहीं है कि प्रशासन को इसकी खबर नहीं है। ‘द मिडनाइट फडल’ की लेट-नाइट पार्टियों के वीडियो सोशल मीडिया पर पहले भी जमकर वायरल हो चुके हैं। इन वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे समय सीमा खत्म होने के घंटों बाद भी यहां महफिलें सजती हैं। सबूत सरेआम होने के बावजूद, प्रशासन की आंखों पर पट्टी बंधी है। आज तक न कोई नोटिस जारी हुआ, न कोई छापा मारा गया और न ही कोई सख्त कानूनी कार्रवाई हुई। यह प्रशासनिक मौन कई गहरे सवाल खड़े करता है।

पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से सीधे सवाल

  • भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को अब इस मामले में सीधे तौर पर संज्ञान लेना होगा। जनता के मन में यह सवाल गहरा गया है कि क्या राजधानी में दो अलग-अलग कानून चल रहे हैं?
  • क्या ‘द मिडनाइट फडल’ के रसूखदार मालिकों पर हाथ डालने से स्थानीय पुलिस डरती है?
  • संबंधित थाने की पुलिस अब तक इस क्लब की मनमानी पर पर्दा क्यों डाल रही है? क्या इसमें किसी तरह की मिलीभगत है?

  • जब एक गरीब ठेले वाले का चालान तुरंत कट सकता है, तो बार-बार नियम तोड़ने वाले इस क्लब को सील क्यों नहीं किया जाता?
    यह सिर्फ एक क्लब में चलने वाली पार्टी की बात नहीं है, यह भोपाल पुलिस की साख, उसकी निष्पक्षता और कार्यप्रणाली पर उठने वाला सीधा सवाल है। अगर शहर में नियम हैं, तो वह ‘द मिडनाइट फडल’ पर भी उसी सख्ती से लागू होने चाहिए, जैसे एक आम आदमी पर होते हैं। अब देखना यह है कि क्या पुलिस कमिश्नर संजय कुमार इस खुली मनमानी पर लगाम कसते हुए कोई कड़ा कदम उठाते हैं, या फिर रसूख के आगे भोपाल का कानून यूं ही दम तोड़ता रहेगा।

Hot this week

कानाफूसी: स्पा सेंटर वाले चाचा-भतीजे

मियां, मैं क्या केह रिया हूं, जरा कान इधर...

भोपाल में सफल रहा पांच दिवसीय ‘इम्प्लांट जागरूकता रथ’ अभियान

​भोपाल, 25 सितंबर 2026: महिलाओं और दंपतियों को परिवार...

3 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, 60 हजार का माल बरामद

​गुन्नौर: प्रदेशव्यापी अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा...

देवास में गणेश पंडाल के पास विवाद: अश्लील टिप्पणी का विरोध करने पर युवक पर चाकू से हमला, गंभीर

​देवास: सिविल लाइन थाना क्षेत्र के मुखर्जी नगर में गुरुवार...

8 अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ तस्कर गिरफ्तार

​शिवपुरी: जिले की सिरसौद थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की...

Topics

कानाफूसी: स्पा सेंटर वाले चाचा-भतीजे

मियां, मैं क्या केह रिया हूं, जरा कान इधर...

भोपाल में सफल रहा पांच दिवसीय ‘इम्प्लांट जागरूकता रथ’ अभियान

​भोपाल, 25 सितंबर 2026: महिलाओं और दंपतियों को परिवार...

3 किलो गांजे के साथ तस्कर गिरफ्तार, 60 हजार का माल बरामद

​गुन्नौर: प्रदेशव्यापी अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा...

8 अवैध पिस्टल और कारतूस के साथ तस्कर गिरफ्तार

​शिवपुरी: जिले की सिरसौद थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की...

पूर्व पार्षद मुकेश गजभिए ने की आत्महत्या, सिकल सेल बीमारी से थे पीड़ित

​भोपाल: अवधपुरी थाना क्षेत्र में शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व...

मंडला नगर पालिका CMO 2 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

​मंडला: लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई...
spot_img

Related Articles

Popular Categories

spot_imgspot_img