भोपाल: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि भोपाल के पश्चिमी बायपास की लागत अब बढ़कर करीब 3,225 करोड़ रुपए हो गई है, जिसकी मुख्य वजह भूमि अधिग्रहण का मुआवजा बढ़ना और रातापानी टाइगर रिजर्व में अतिरिक्त अंडरपास का प्रावधान होना है।
कैबिनेट के अन्य प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
- कृषि: ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन (खरीदी) की सीमा को 25% से बढ़ाकर 60% करने का बड़ा फैसला लिया गया है।
- सड़क परियोजनाएं: मेलुआ-बीना-खिमलासा-मालथौन मार्ग पर बढ़ता यातायात देखते हुए इसे 4-लेन किया जाएगा, जिसकी लागत करीब 2,776 करोड़ रुपए होगी।
- स्वास्थ्य एवं शिक्षा: लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 915.77 करोड़ और मशीनरी-उपकरणों के रखरखाव के लिए 488.41 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं।
- नए जिलों में कार्यालय: मऊगंज, मैहर और पांढुर्ना जिलों में सामाजिक न्याय विभाग के कार्यालय शुरू होंगे, जिसके लिए नए पदों को मंजूरी मिली है। इसके अलावा आयुष विभाग के नए जिलों में भी 20 पद सृजित किए गए हैं।
- प्रशासनिक नियुक्ति: रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी साईं मनोहर को मुख्यमंत्री का सलाहकार बनाए जाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिल गई है।
देश की जीडीपी में शानदार उछाल
कैबिनेट ब्रीफिंग में यह भी बताया गया कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच अप्रैल-जून 2026 तिमाही में देश की जीडीपी विकास दर बढ़कर 7.8% पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में 6.9% थी।




