भोपाल:
नर्मदापुरम सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा एक कैदी भोपाल के हमीदिया अस्पताल से चकमा देकर भागने की कोशिश करते हुए पकड़ा गया। आरोपी ने टिन का टुकड़ा निगलने का झूठा बहाना बनाया था, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चौथी मंजिल के टॉयलेट की खिड़की से उतरा नीचे
पुलिस के मुताबिक, सजायाफ्ता कैदी सचेंद्र उर्फ सचिन राजपूत (30) को 15 सितंबर को हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार रात करीब 3 बजे वह टॉयलेट गया और चौथी मंजिल की खिड़की से बाहर निकलकर पाइपलाइन के सहारे नीचे उतरने लगा।
भागने की भनक लगते ही अस्पताल परिसर में हड़कंप मच गया। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत तलाश शुरू की और करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद वह पाइपलाइन के पास ही ग्राउंड फ्लोर पर मिल गया, जिसके बाद उसे दोबारा हिरासत में ले लिया गया।
हत्या और फिरौती के मामले में है उम्रकैद की सजा
सचेंद्र को 15 मई 2019 को हत्या, फिरौती के लिए अपहरण और आपराधिक साजिश के मामलों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह नर्मदापुरम सेंट्रल जेल में बंद था।
कोहेफिजा थाना पुलिस ने कैदी के खिलाफ भागने के प्रयास का नया मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि निगरानी के दौरान वह चौथी मंजिल तक कैसे पहुंचा और सुरक्षा में कहां चूक हुई।




