टीकमगढ़:
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले की बल्देवगढ़ तहसील कार्यालय में रिश्वतखोरी का एक गंभीर मामला सामने आया है। वसीयत के आधार पर नामांतरण करने की एवज में 30 हजार रुपए की अवैध डिमांड करने वाले सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारी अनिल कुमार नापित को कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने मंगलवार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई किसान की शिकायत पर की गई प्रारंभिक जांच के बाद प्रशासनिक स्तर पर कड़ा संदेश देने के लिए की गई है।
किसान काशीराम लोधी ने अपने पिता बाबूलाल लोधी की मृत्यु के उपरांत वसीयत के आधार पर जमीन के नामांतरण के लिए तहसील कार्यालय में आधिकारिक आवेदन प्रस्तुत किया था। पीड़ित किसान का आरोप है कि तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक वर्ग-3 के कर्मचारी अनिल कुमार नापित ने इस कानूनी प्रक्रिया को पूरा करने और नामांतरण दर्ज करने के एवज में 30 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की।
इस मामले में 21 सितंबर को एक ऑडियो सामने आया था जिसमें कथित तौर पर रिश्वत की मांग से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड थी। किसान की शिकायत पर जब इस ऑडियो की तकनीकी और प्रशासनिक जांच कराई गई, तो उसमें रिकॉर्ड की गई आवाज अनिल कुमार नापित की होने की पुष्टि हुई।
कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने स्पष्ट किया कि किसी भी शासकीय कर्मचारी द्वारा इस तरह का आचरण मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम-1965 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। इसके चलते मध्य प्रदेश सिविल सेवा वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील नियम-1966 के नियम-9 के तहत अनिल कुमार नापित को निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय टीकमगढ़ तहसील कार्यालय निर्धारित किया गया है, और उन्हें नियमों के तहत जीवन निर्वाह भत्ता प्रदान किया जाएगा।




