भोपाल:
राजधानी के गांधी नगर थाना क्षेत्र के अब्बास नगर स्थित फाइन अपार्टमेंट में सोमवार दोपहर कारोबारी भूपेंद्र शर्मा (करीब 45 वर्ष) ने अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस सनसनीखेज घटना के बाद इलाके में शोक और सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (FSL) टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
परिजन और पुलिस के दावों में विरोधाभास
पुलिस का शुरुआती तौर पर कहना है कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, मृतक के परिजनों ने एक सुसाइड नोट मिलने का दावा किया है और उसे पुलिस को सौंप दिया है। इस कथित सुसाइड नोट में पैसों के लेन-देन और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कैंटीन के नाम पर 10 लाख रुपए हड़पने का आरोप
मृतक के बेटे दीप शर्मा ने बताया कि उनके पिता का काम छूट गया था, जिसके बाद उनकी पहचान अमर अदानी नामक व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि अमर अदानी ने सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी की कैंटीन का काम दिलाने के एवज में भूपेंद्र शर्मा से करीब 10 लाख रुपए ले लिए।
- एग्रीमेंट से इनकार: परिजनों का आरोप है कि पैसे लेने के बाद आरोपी ने एग्रीमेंट करने से मना कर दिया और पैसे लौटाने के बजाय 2 लाख रुपए और मांगने लगा।
- मानसिक प्रताड़ना: पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी लगातार फोन पर धमकियां दे रहा था और मानसिक रूप से परेशान कर रहा था, जिससे तंग आकर यह कदम उठाया गया।
सुसाइड नोट में क्या लिखा है?
सामने आए कथित सुसाइड नोट में भूपेंद्र शर्मा ने लिखा है कि वह अपनी मर्जी से यह कदम उठा रहे हैं, क्योंकि वे जीवन से ऊब चुके हैं।
- नोट में अमर अदानी का जिक्र करते हुए लिखा गया है कि उसने कैंटीन के काम के नाम पर 10 लाख रुपए लिए, लेकिन पैसे मांगने पर टालता रहा और धमकाता रहा।
- इसके अलावा, नोट में ससुर शिवनारायण शर्मा पर भी पत्नी और परिवार को प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
- अंत में उन्होंने अपनी पत्नी (‘सोनू’) और बच्चों का ख्याल रखने की बात कही है।
पुलिस की कार्रवाई जारी
गांधी नगर थाने के एएसआई जेएस पाटिल ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। एफएसएल टीम ने कमरे की जांच की है। परिजनों द्वारा सौंपे गए सुसाइड नोट और उसमें लगाए गए तमाम आरोपों की गंभीरता से जांच की जा रही है, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



