भोपाल:
पंचायतों से जुड़े नियमों और लंबित मांगों को लेकर बुधवार को राष्ट्रीय सरपंच संघ के बैनर तले राजधानी के रोशनपुरा चौराहे पर भारी संख्या में सरपंचों ने जोरदार प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान सरपंचों ने केंद्र और राज्य सरकारों के सामने पंचायतों को अधिक प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार देने, सरपंचों का मानदेय बढ़ाने तथा उनके लिए पेंशन योजना शुरू करने जैसी प्रमुख मांगें रखीं। साथ ही, संघ ने ‘जी रामजी’ योजना के तहत मजदूरों की हाजिरी के लिए लागू की गई फेस रीडिंग व्यवस्था पर भी तीखी आपत्ति जताई, जिसके चलते विशेषकर महिला मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
संघ ने प्रशासनिक विकेंद्रीकरण की मांग करते हुए रोजगार सहायक, पंचायत सचिव, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, शिक्षक, पटवारी, आशा कार्यकर्ता और कृषि ग्रामीण विस्तार अधिकारियों से जुड़े स्थानीय प्रशासनिक अधिकार सीधे पंचायतों व सरपंचों को सौंपने की मांग की। इसके अलावा, नल-जल योजना के बंद होने के बावजूद ग्राम पंचायतों को भारी-भरकम बिजली बिल भेजे जाने और पंचायतों पर होने वाली कथित अवैध वसूली के मामलों की जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठाई गई।
प्रदर्शन के दौरान सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ साल पहले भोपाल के जंबूरी मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री ने सरपंचों को कई मांगों का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक उनके आदेश जारी नहीं किए गए हैं। इसी नाराजगी के चलते प्रदर्शनकारी टीटी नगर थाने भी पहुंचे।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी इन मांगों पर जल्द कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन करते हुए मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।




