पन्ना/रीवा
मझगांय डैम परियोजना से प्रभावित आदिवासी परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास की मांग को लेकर चल रहा ‘चिता आंदोलन’ सोमवार को 24वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन के प्रमुख चेहरे और जनअधिकार कार्यकर्ता अमित भटनागर पन्ना जेल में 7 दिन का आमरण अनशन पूरा करने के बाद अब रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में भर्ती हैं।
अस्पताल के बेड से भी अनशन जारी रखने का ऐलान
प्रशासन का कहना है कि स्वास्थ्य बिगड़ने के कारण उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। वहीं, अमित भटनागर ने इसे अनशन तोड़ने की साजिश बताया है। अस्पताल से जारी संदेश में उन्होंने दोटूक कहा कि जगह बदलने से आंदोलन खत्म नहीं होगा और जब तक हर प्रभावित परिवार को मुआवजा और पुनर्वास का हक नहीं मिल जाता, तब तक अस्पताल के बेड से भी उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
गिरफ्तारी से बढ़ा जनआक्रोश, रिहाई की मांग
जय किसान संघ के मुताबिक, भटनागर की गिरफ्तारी और अस्पताल शिफ्ट किए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में आक्रोश और गहरा गया है। डैम स्थल पर ग्रामीणों का धरना 24वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- जेल में बंद अमित भटनागर, दिव्या अहिरवार, हिसाबी राजपूत और अन्य सभी गिरफ्तार ग्रामीणों की तत्काल रिहाई।
- प्रभावित आदिवासी परिवारों, महिलाओं और किसानों को पूरा मुआवजा और पुनर्वास का अधिकार।
- प्रशासन की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर बातचीत करना और समस्याओं का समाधान निकालना।




